
कानपुर में फर्जी फर्म बनाकर सरकार को करीब दो करोड़ रुपये की जीएसटी चपत लगाने का मामला सामने आया है। राज्य कर विभाग की जांच में फर्म का पूरा कारोबार कागजों में ही चलता मिला। घोषित पते पर कोई फर्म नहीं मिलने के बाद विभाग ने बजरिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बीमा बिहार कॉलोनी निवासी प्रभात कुमार चौधरी, जो राज्य कर विभाग में सहायक आयुक्त हैं, ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि विभागीय जांच के दौरान गुप्ता ट्रेडर्स नाम की फर्म संदिग्ध पाई गई।अभिलेखों के अनुसार 18 जून 2025 को इस फर्म को जीएसटी नंबर जारी किया गया था। फर्म के मालिक के रूप में निखिल गुप्ता का नाम दर्ज है, जिसने लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र का पता और बैंक विवरण देकर जीएसटी पंजीकरण हासिल किया था।
जांच में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में फर्म ने करीब 5.58 करोड़ रुपये की इनवर्ड सप्लाई दर्शाई। इसके आधार पर एक करोड़ रुपये से अधिक का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम कर लिया गया।इसके बाद इसी फर्जी आईटीसी का उपयोग करते हुए लगभग 5.58 करोड़ रुपये की आउट वर्ड सप्लाई भी दिखा दी गई और अन्य फर्मों को भी आईटीसी पास-ऑन कर दी गई।अधिकारियों के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया से सरकार को करीब दो करोड़ रुपये से अधिक की कर हानि हुई है।
12 फरवरी को विभागीय टीम ने फर्म के घोषित व्यापारिक पते पर निरीक्षण किया। लेकिन वहां गुप्ता ट्रेडर्स नाम की कोई फर्म संचालित नहीं मिली।स्थानीय लोगों ने भी ऐसी किसी फर्म के होने से साफ इनकार कर दिया। जांच में बिजली का बिल भी फर्जी पाया गया, जिससे पूरे मामले में फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।
बजरिया थाना प्रभारी अरविंद शर्मा ने बताया कि सहायक आयुक्त की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है और फर्म से जुड़े अन्य दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है।
Updated on:
08 Mar 2026 09:40 pm
Published on:
08 Mar 2026 09:38 pm
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