10 मार्च 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Kanpur News: APK फाइल भेजकर 1.27 करोड़ की साइबर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

Kanpur Cyber Fraud:व्हाट्सएप पर RTO चालान के नाम से भेजी गई फर्जी APK फाइल पर क्लिक करते ही पीड़ित का मोबाइल हैक हो गया। साइबर अपराधियों ने सिम स्वैप कर ऑनलाइन बैंकिंग सक्रिय की और खातों से 1.27 करोड़ रुपये निकल लिए गए।

2 min read
Google source verification

कानपुर। साइबर क्राइम पुलिस ने मोबाइल पर फर्जी APK फाइल भेजकर 1.27 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से कूटरचित दस्तावेज और बैंकिंग से जुड़े उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। मामले का सफल खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार भी दिया गया है।

आरटीओ चालान समझकर किया था क्लिक

पुलिस के अनुसार पीड़ित मोकम सिंह ने 25 अगस्त 2025 को साइबर क्राइम थाना कानपुर नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप के माध्यम से अलग-अलग तारीखों पर प्रधानमंत्री किसान योजना, आरटीओ चालान, केनरा बैंक आधार अपडेट और इंदिरा आवास योजना के नाम से फर्जी APK फाइलें भेजी गई थीं।

पीड़ित ने आरटीओ चालान समझकर एक फाइल पर क्लिक कर दिया, जिसके बाद साइबर अपराधियों ने मोबाइल को हैक कर उसका एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित के मोबाइल नंबर का सिम स्वैप कर लिया और ऑनलाइन बैंकिंग अपने नियंत्रण में लेकर पीड़ित के विभिन्न बैंक खातों से कुल 1,27,85,779 रुपये की धनराशि धोखाधड़ी से निकाल ली। घटना के बाद पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और उसी दिन साइबर क्राइम थाना कानपुर नगर में लिखित तहरीर दी।

खुलवाए थे फर्जी खाते

मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों की जानकारी के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुटी थी। 9 मार्च 2026 को प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम सतीश यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मेरठ में दबिश देकर आरोपी अरशद अंसारी पुत्र मोबिन खान निवासी करीम नगर,थाना नौचंदी, मेरठ को थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र से गिरफ्तार किया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मुंबई के नालासोपारा क्षेत्र में अमर तिवारी के नाम से फर्जी आधार कार्ड,पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज बनवाकर बैंक ऑफ इंडिया में खाता खुलवाया था। इसी खाते में ठगी की रकम ट्रांसफर करवाई जाती थी। आरोपी ने यह भी बताया कि उन्होंने पीड़ित के मोबाइल नंबर का सिम स्वैप कर ऑनलाइन बैंकिंग सक्रिय कर साइबर ठगी को अंजाम दिया।

ठगी की रकम से खरीदा था सोना

निरीक्षक सतीश चन्द्र यादव प्रभारी साइबर क्राइम थाना कमिश्नरेट कानपुर नगर ने बताया कि आरोपी के अनुसार ठगी से प्राप्त धनराशि में से करीब 55 लाख रुपये का सोना नोएडा की एक नामी कंपनी से खरीदा गया था।एक को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।