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ड्रोन कैमरों से होगी प्रदेश की खदानों की निगरानी, 14 एजेंसियां रेस में, 2 मार्च को फाइनल ऑक्शन

Raipur News: प्रदेश में खनिज के अवैध उत्खनन को रोकने के लिए अब ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी। इसके लिए अब छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (सीएमडीसी) ने टेंडर निकाल दिया है।

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ड्रोन कैमरों से प्रदेश की खदानों की निगरानी (फोटो सोर्स- Freepik)

ड्रोन कैमरों से प्रदेश की खदानों की निगरानी (फोटो सोर्स- Freepik)

CG News: प्रदेश में खनिज के अवैध उत्खनन को रोकने के लिए अब ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी। इसके लिए अब छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (सीएमडीसी) ने टेंडर निकाल दिया है। जानकारी के अनुसार अब तक 14 एजेंसियों ने आवेदन किए हैं। बताया जा रहा है कि यह सारी एजेंसियां डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) अंतर्गत संचालित हैं।

टेंडर के लिए आवेदन भारत सरकार के पोर्टल के माध्यम से मंगाए गए हैं। इनमें से टेंडर में भाग लेने वाली कंपनियों के आवेदनों की जांच के बाद 18 फरवरी को फाइनल किया जाएगा। कि इस ऑक्शन में कौन-कौन से कंपनियां शामिल होंगी। इसके बाद 2 मार्च को फाइनल ऑक्शन होगा, जिसमें न्यूनतम बोली लगाने वाली कंपनी से अनुबंध किया जाएगा।

एजेंसी के साथ जुड़ेंगे 5 इम्पैनल

जानकारी के अनुसार, इस टेंडर में एजेंसी के साथ 5 इम्पैनल भी जुड़े रहेंगे। जो दिन-रात किसी भी समय सूचना या शिकायत मिलने पर रेत, मुरुम, गिट्टी सहित अन्य खदानों पर बगैर समय गंवाए पहुंचेगी और उस खदान की ड्रोन कैमरों के जरिए लाइव स्ट्रीङ्क्षमग कर सीधे इसकी तस्वीरें सीधें कंट्रोल रूम में दिखेगी। इन तस्वीरों के आधार पर संबंधित खदान में अवैध उत्खनन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए तत्काल टीम भेजी जाएगी।

खनिज माफियाओं पर होगी कार्रवाई

इस योजना के तहत खदानों में हो रहा अवैध उत्खनन पर अंकुश तो लगेगा ही, साथ ही खनिज माफियाओं पर भी कार्रवाई की जा सकेगी। ड्रोन कैमरों के जरिए खदान में अवैध उत्खनन में शामिल वाहन एवं मशीनों को आसानी से जब्ती बनाया जा सकेगा। वहीं इस कार्रवाई से खदान में मौजूद लोगों को भी फुटेज के माध्यम से पकड़ा जा सकेगा। उनकी गिरफ्तारी से अवैध खनन कराने वालों के नाम भी सामने आएंगे, जिससे उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जा सकेगी।