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बड़ा फर्जीवाड़ा! डेढ़ करोड़ के आलीशान फार्महाउस को 11 लाख का खाली प्लॉट बताकर कराई रजिस्ट्री, राजस्व विभाग कटघरे में

Crime News: राजस्व विभाग में सरकार को नुकसान पहुंचाने के कई तरीके अपनाए जा रहे हैं। इसमें अधिकारियों की सोची-समझी अनदेखी भी है। ऐसा ही एक मामला अभनपुर इलाके का है।

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(पत्रिका फाइल फोटो)

(पत्रिका फाइल फोटो)

Crime News: राजस्व विभाग में सरकार को नुकसान पहुंचाने के कई तरीके अपनाए जा रहे हैं। इसमें अधिकारियों की सोची-समझी अनदेखी भी है। ऐसा ही एक मामला अभनपुर इलाके का है। करीब डेढ़ करोड़ रुपए के एक आलीशान फार्म हाउस को प्लॉट बताकर 11 लाख 11 हजार रुपए में रजिस्ट्री करवा दी गई है। रजिस्ट्री के शपथ पत्र में गलत जानकारी देकर शासन को लाखों रुपए का नुकसान पहुंचाया गया है।

मामले में रजिस्ट्री से पहले राजस्व अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण भी नहीं किया। अगर स्थल निरीक्षण करते, तो ऐसा फर्जीवाड़ा नहीं हो पाता। रजिस्ट्री में गड़बड़ी उजागर होने के बाद भी राजस्व अधिकारी मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। अभी तक खरीदार-विक्रेता पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

यह है मामला

दलदलसिवनी मोवा में रहने वाली दीक्षा ने मोहनीश कुमार विश्वकर्मा को पुराने धमतरी रोड के छछानपैरी के पास सलोनी गांव में बने आलीशान फार्महाउस मैंगो 3 ड्रीम को बेचा है। इसकी रजिस्ट्री 0.0730 हेक्टेयर खाली प्लॉट बताकर कराई गई है। इससे रजिस्ट्री शुल्क 73400 रुपए लगा है, जबकि फार्महाउस के हिसाब से इससे अधिक शुल्क लगना था। इसके लिए दिए गए शपथ में भी फार्महाउस में हुए भवन निर्माण, स्वीङ्क्षमग पूल की जानकारी नहीं दी है।

झूठी जानकारी देकर रजिस्ट्री करवाई गई है। इस मामले की शिकायत राजस्व अधिकारी और पुलिस में भी की गई है, लेकिन अब तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों की भूमिका संदेह के दायरे में है।

अधिकारियों के कांप रहे हाथ

राजस्व कार्यालय में रोज सैकड़ों रजिस्ट्री होती है। अधिकारी मौके पर जाकर प्लाट, मकान आदि का स्थल निरीक्षण नहीं करते हैं। इससे वास्तविक मूल्यांकन भी नहीं होता है। केवल ऑफिस में बैठकर गाइडलाइन दरों के हिसाब से रेट तय करते हैं, लेकिन प्लॉट या जमीन में निर्माण संबंधी जांच नहीं करते हैं। इससे राजस्व का भारी नुकसान होता है। गिने-चुने लोगों के रजिस्ट्री प्रकरण में स्थल निरीक्षण करते हैं। सलोनी के फार्महाउस की रजिस्ट्री के मामले में भी अधिकारियों की अनदेखी उजागर हुई है। मामले की जानकारी जिला पंजीयक से लेकर उपपंजीयक को भी है।

पहले भी जा चुकी हैं जेल

फार्महाउस बेचने वाली महिला दीक्षा और रोहित नागवानी धोखाधड़ी के मामलों में जेल जा चुके हैं। दोनों के खिलाफ दुर्ग के दो ज्वेलरों और आईसीआईसीआई बैंक में नकली सोना गिरवी रखने के आरोप में एफआईआर हुई थी। जेल से छूटने के बाद महिला ने रायपुर के आशीष से शादी कर ली। अब शपथ पत्र में गलत जानकारी देकर फार्महाउस बेचने के मामला सामने आया है।