
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
UP Excise E-Lottery Begins: उत्तर प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मदिरा दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आबकारी विभाग ने देशी शराब, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप और भांग की दुकानों के लिए ई-लॉटरी प्रणाली के तहत आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू कर दी है। ई-नवीनीकरण के बाद बची कुल 1793 फुटकर दुकानों के आवंटन के लिए इच्छुक आवेदक अब ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
यह पूरी प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा विकसित पोर्टल exciseelotteryup.upsdc.gov.in के माध्यम से संचालित की जा रही है। आबकारी विभाग का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य दुकानों के आवंटन को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाना है।
आबकारी विभाग द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था के तहत अब प्रदेश में मदिरा दुकानों का आवंटन पारंपरिक तरीके के बजाय ई-लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इस प्रणाली में सभी आवेदकों के आवेदन ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किए जाएंगे और निर्धारित समय पर कंप्यूटर आधारित लॉटरी प्रक्रिया के जरिए दुकानों का आवंटन किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस डिजिटल प्रक्रिया से किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम होगी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
आबकारी विभाग के अनुसार ई-नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश में 1793 फुटकर दुकानों का आवंटन बाकी रह गया था। इन्हीं दुकानों के लिए अब ई-लॉटरी के माध्यम से नए आवेदकों को अवसर दिया जा रहा है। इसमें देशी शराब, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप और भांग की दुकानें शामिल हैं। इन दुकानों के संचालन के लिए इच्छुक व्यापारी या व्यक्ति निर्धारित पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन से लेकर लॉटरी और आवंटन तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से ही पूरी की जाएगी। इससे आवेदकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही सभी दस्तावेजों का सत्यापन भी डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।
आवेदन करने वाले इच्छुक व्यक्तियों के लिए सभी आवश्यक जानकारी विभागीय वेबसाइट और आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई है। इसमें आवेदन की अंतिम तिथि, आवेदन शुल्क, पात्रता की शर्तें और अन्य आवश्यक नियमों की जानकारी दी गई है। आबकारी विभाग ने सभी आवेदकों से अनुरोध किया है कि आवेदन करने से पहले नियमों और शर्तों का सावधानीपूर्वक अध्ययन अवश्य करें।
प्रदेश सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है। ई-लॉटरी प्रणाली को तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाने के लिए विशेष आईटी व्यवस्था विकसित की गई है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि दुकानों का आवंटन निष्पक्ष तरीके से हो।
डिजिटल लॉटरी प्रणाली लागू करने का एक बड़ा उद्देश्य मदिरा दुकानों के आवंटन में संभावित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को रोकना भी है। पिछले वर्षों में कई बार यह आरोप लगाए जाते रहे हैं कि दुकानों के आवंटन में पारदर्शिता नहीं होती। नई ई-लॉटरी प्रणाली से ऐसे आरोपों को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
आबकारी विभाग ने बताया कि ई-लॉटरी प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए उन्नत तकनीकी सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। ऑनलाइन पोर्टल को इस तरह तैयार किया गया है कि किसी भी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी या हस्तक्षेप की संभावना न रहे।
आबकारी विभाग के अनुसार आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ई-लॉटरी आयोजित की जाएगी। लॉटरी के माध्यम से चयनित आवेदकों को मदिरा दुकानों का संचालन करने का अधिकार दिया जाएगा। इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी और परिणाम भी ऑनलाइन पोर्टल पर ही उपलब्ध कराए जाएंगे।
प्रदेश में मदिरा दुकानों के संचालन का व्यवसाय लंबे समय से व्यापारियों के लिए आकर्षक माना जाता रहा है। ई-लॉटरी के माध्यम से दुकानों का आवंटन होने से नए लोगों को भी इस व्यवसाय में प्रवेश का अवसर मिलेगा।
मदिरा दुकानों का संचालन राज्य सरकार के लिए राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। हर वर्ष आबकारी विभाग के माध्यम से सरकार को हजारों करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। नई ई-लॉटरी व्यवस्था लागू होने से उम्मीद है कि राजस्व में भी वृद्धि होगी और व्यवस्था अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित होगी।
आबकारी विभाग ने आवेदकों से यह भी अपील की है कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही आवेदन करें। किसी भी अनधिकृत एजेंट या बिचौलिए के माध्यम से आवेदन करने से बचें। यदि किसी प्रकार की समस्या आती है तो आवेदक विभागीय हेल्पलाइन या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ई-लॉटरी प्रणाली लागू करना सरकार का डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनेगी, बल्कि समय और संसाधनों की भी बचत होगी। कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में मदिरा दुकानों के आवंटन के लिए शुरू की गई यह ई-लॉटरी प्रक्रिया प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है।
Updated on:
11 Mar 2026 01:13 am
Published on:
11 Mar 2026 01:12 am
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