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यूपी कैबिनेट के 30 बड़े फैसले: फर्जी जमीन रजिस्ट्री पर सख्ती, ओला-उबर और परिवहन नियमों में बदलाव

UP Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई यूपी कैबिनेट बैठक में 31 प्रस्तावों में से 30 को मंजूरी मिली। फर्जी जमीन रजिस्ट्री पर सख्ती, ग्राम परिवहन योजना और कैब सेवाओं पर नए नियम लागू होंगे।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Mar 10, 2026

UP Cabinet Approves 30 Major Proposals (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

UP Cabinet Approves 30 Major Proposals (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

UP Cabinet Approves 30 Major Proposals: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित उत्तर प्रदेश कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में कुल 31 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 30 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। इन फैसलों का उद्देश्य प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाना, आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना और राज्य की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना बताया गया है।

कैबिनेट बैठक के बाद स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मीडिया को इन फैसलों की जानकारी दी। मंत्रियों ने बताया कि बैठक में जमीन की फर्जी रजिस्ट्री रोकने, ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और कैब एग्रीगेटर सेवाओं को व्यवस्थित करने से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।

फर्जी जमीन रजिस्ट्री पर लगेगी रोक

कैबिनेट के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में जमीन की फर्जी रजिस्ट्री पर सख्त रोक लगाने की व्यवस्था शामिल है। स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि अब किसी भी जमीन की रजिस्ट्री करने से पहले खतौनी और अन्य संबंधित दस्तावेजों का विस्तृत सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही रजिस्ट्री की अनुमति दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर होने वाली जमीन की अवैध रजिस्ट्री को रोकने में काफी मदद मिलेगी।

जमीन घोटालों पर लगेगा अंकुश

प्रदेश में कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें जालसाज फर्जी कागजात तैयार कर जमीन की रजिस्ट्री करा लेते हैं। इससे असली मालिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद रजिस्ट्री से पहले सभी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इससे जमीन से जुड़े विवादों में कमी आने और संपत्ति लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना को बढ़ावा

कैबिनेट बैठक में परिवहन क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत निजी बसों को बड़ी राहत दी गई है। इस योजना के तहत निजी बस संचालकों को परमिट लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके अलावा उन्हें परिवहन कर (टैक्स) से भी छूट दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाना और गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ना है।

निजी बसें रोडवेज को दे सकेंगे अनुबंध पर

सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि निजी बस ऑपरेटर अपनी बसों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) को अनुबंध के आधार पर भी उपलब्ध करा सकेंगे। इस व्यवस्था से सरकार को बसों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक यात्रा विकल्प मिल सकेंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेगी कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के माध्यम से सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर बस सेवाओं की कमी के कारण लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए शहरों तक पहुंचने में कठिनाई होती है। नई योजना लागू होने से गांवों और शहरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

कैब एग्रीगेटर सेवाओं पर सख्ती

कैबिनेट ने ओला और उबर जैसी कैब एग्रीगेटर कंपनियों के संचालन को लेकर भी नए नियम लागू करने का फैसला किया है। अब इन कंपनियों को राज्य में संचालन के लिए परिवहन विभाग में अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। सरकार का कहना है कि इस कदम से कैब सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सकेगा।

ड्राइवर और वाहनों का पूरा सत्यापन जरूरी

नई व्यवस्था के तहत किसी भी कैब सेवा को चलाने से पहले वाहन और चालक का पूरा सत्यापन अनिवार्य होगा।

इसके अंतर्गत-

  • चालक का मेडिकल परीक्षण
  • पुलिस वेरिफिकेशन
  • वाहन की फिटनेस जांच
  • कराना जरूरी होगा।
  • इन प्रक्रियाओं के बिना कोई भी वाहन ऐप आधारित टैक्सी सेवा में शामिल नहीं किया जा सकेगा।

ऐप में दर्ज होगा पूरा विवरण

सरकार ने यह भी तय किया है कि एग्रीगेटर कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर जुड़े सभी वाहनों और ड्राइवरों का पूरा विवरण दर्ज करना होगा। इससे जरूरत पड़ने पर प्रशासन को किसी भी वाहन या चालक की जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सकेगी। यह व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

यात्रियों को मिलेगा सुरक्षित सफर

सरकार का मानना है कि इन नए नियमों के लागू होने से यात्रियों को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन सेवाएं मिल सकेंगी। साथ ही इससे कैब सेवाओं में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और किसी भी तरह की अनियमितता पर नियंत्रण रखना आसान होगा।

प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने की पहल

कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों को प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एक ओर जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है, वहीं दूसरी ओर परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए भी नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।

जनता को मिलेगी बेहतर सुविधा

राज्य सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। जमीन के लेनदेन में पारदर्शिता आने से लोगों को धोखाधड़ी से बचाया जा सकेगा। वहीं परिवहन व्यवस्था में सुधार से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी। कैबिनेट बैठक में लिए गए ये फैसले राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और नागरिकों को अधिक सुरक्षित तथा बेहतर सेवाएं प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।