
प्रतीकात्मक तस्वीर
यूपी की ड्राफ्ट मतदाता सूची में मकान नंबर की गड़बड़ी वोटरों के पसीने छुड़ा रही है। लखीमपुर खीरी के धौरहरा विधानसभा क्षेत्र में पसियनपुरवा के कई मतदाताओं के मकान नंबर के आगे गुडपुरा लिख दिया गया। चुनाव आयोग ने भी बेतुके मकान नंबर लिखे जाने पर निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी धौरहरा व जिला निर्वाचन अधिकारी लखीमपुर खीरी से जवाब तलब किया है।
धौरहरा के पसियनपुरा में जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में क्रमांक 451 से 457 तक दर्ज मतदाताओं—रीनावती, सीमा, गीता, तुलसीराम, रामलखन, कलावती और उत्तम कुमार के मकान नंबर के आगे ‘गुडपुरवा’ लिखा मिला। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के ‘X’ हैंडल पर शिकायत पहुंचने के बाद इसे गंभीरता से लेते हुए यह पूछा गया है कि ऐसे बेतुके मकान नंबर कैसे दर्ज हुए। इसके लिए संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) और जिला निर्वाचन अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है और अब जांच के बाद कार्रवाई की बात कही जा रही है।
इधर बरेली के बिथरी चैनपुर क्षेत्र की मतदाता सुरभि कश्यप ने 24 नवंबर 2025 को पता बदलने के लिए फॉर्म-8 जमा किया था, लेकिन संबंधित बीएलओ अभी तक रिपोर्ट लगाने का इंतज़ार कर रही हैं।
फिलहाल ईआरओ बिथरी चैनपुर और जिला निर्वाचन अधिकारी बरेली को मामले में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे ही गोंडा के तरबगंज के मयंक तिवारी ने फोटो अपडेट कराने के लिए फॉर्म-8 भरा था और बीएलओ ने सत्यापन भी कर लिया और 14 दिसंबर को संबंधित क्षेत्र के ईआरओ को आगे की कार्यवाही के लिए भेज दिया है। अब महीना बीतने के बावजूद अभी तक ईआरओ की ओर से सत्यापन नहीं किया गया है।
सीईओ कार्यालय की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि मतदाता बनने को ऑनलाइन फॉर्म-6 भर रहे लोगों से सत्यापन के समय उनसे हिंदी में भी नाम भरवाया जाए। कई बार अंग्रेजी के नाम का शुद्ध हिंदी में अनुवाद होने पर सॉफ्टवेयर से गलती होती है। ऐसे में बीएलओ मतदाताओं से हिंदी में अपना नाम लिखवाएं। ऐसे ही ऑफलाइन फॉर्म भरने वाले मतदाताओं से सत्यापन के समय हिंदी व अंग्रेजी दोनों में शुद्ध नाम लिखवाएं जिससे गलती न हो।
सभी बूथों पर 18 जनवरी को दोबारा ड्राफ्ट मतदाता सूची वोटरों को दिखाई जाएगी। सभी जिलों के डीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वह प्रत्येक बूथ पर नजर रखें और मतदाताओं को सूची देखने में कोई कठिनाई न हो। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, कटवाने और संशोधन कराने के लिए उन्हें फॉर्म उपलब्ध कराए जाएं। बीएलओ के पास पर्याप्त मात्रा में फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 उपलब्ध रहें। कहीं से यह भी फॉर्म कम पड़ने की शिकायत न आए।
Updated on:
16 Jan 2026 11:52 am
Published on:
16 Jan 2026 11:51 am
बड़ी खबरें
View Allगोंडा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
