
फोटो सोर्स फेसबुक अकाउंट
बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर चल रही टिप्पणियों और आपसी तुलना को लेकर कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी पोस्ट देखकर उन्हें गहरी पीड़ा हुई है। राष्ट्रकथा जोड़ने के लिए थी। ना कि तोड़ने के लिए कौन बड़ा है कौन छोटा इससे क्या मिलता है।
बृजभूषण सिंह ने कहा कि वह पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि “जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी”। यानी जिसने राष्ट्र और समाज की कथा को जिस नजर से देखा, उसे वैसा ही अर्थ मिला। लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर आई एक पोस्ट ने उन्हें आहत किया है। उस पोस्ट में लिखा गया था कि राजा भैया क्षत्रियों के बड़े नेता हैं। या बृजभूषण सिंह बड़े नेता हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की तुलना पूरी तरह गलत और बेकार है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को राजा भैया का इतिहास जानना है। तो वह उनके पिता महाराज उदय प्रताप सिंह से जाकर मिले। उनका जीवन संघर्ष और त्याग का प्रतीक है। हम उन्हें अपना आदर्श मानते हैं। रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया) उन्हीं के पुत्र हैं। बृजभूषण सिंह ने स्पष्ट किया कि उम्र के लिहाज से राजा भैया उनके छोटे भाई जैसे हैं। उनके बेटे राजा भैया के मित्र हैं। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि ऐसी बकवासबाजी बंद की जाए। इससे पहले भी सोशल मीडिया पर यह लिखा गया कि कौन बड़ा है। और कौन छोटा—कभी अभय सिंह, कभी धनंजय सिंह को लेकर। उन्होंने सवाल किया कि इससे लोगों को आखिर मिलता क्या है।
उन्होंने दोहराया कि राजा भैया के पिता उनके आदर्श हैं। जो लोग यह जानना चाहते हैं कि कौन बड़ा है या कौन छोटा, वे सीधे जाकर राजा भैया के पिता से मिलें। और फिर बताएं। बृजभूषण सिंह ने कहा कि यह कथा जोड़ने के लिए थी। तोड़ने के लिए नहीं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज भी राजनाथ सिंह जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद हैं। जो हम सभी से बड़े हैं। इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अंत में उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग न करें। झगड़ा कराने का काम बंद करे। समाज को बांटने का काम न करें। क्योंकि इससे किसी का भला होने वाला नहीं है।
Published on:
15 Jan 2026 08:47 pm
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