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कहने को चूहे और कुत्ते… हिला दिया पूरा प्रदेश डिप्टी सीएम ने लिया संज्ञान, चार कर्मचारी सस्पेंड!

मेडिकल कॉलेज के बाबू ईश्वर शरण जिला अस्पताल में चूहे-कुत्तों के वायरल वीडियो से हड़कंप मच गया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के संज्ञान में लेने के बाद अस्पताल प्रशासन ने चार कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है।

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फोटो सोर्स वायरल वीडियो

फोटो सोर्स वायरल वीडियो

गोंडा के मेडिकल कॉलेज से जुड़े बाबू ईश्वर शरण जिला अस्पताल में चूहे और आवारा कुत्तों के वायरल वीडियो सामने आने के बाद डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए चार कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

गोंडा जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र में स्थित बाबू ईश्वर शरण जिला अस्पताल इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। हाल ही में अस्पताल के अलग-अलग वार्डों से चूहे और आवारा कुत्तों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इन वीडियो में अस्पताल की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन हरकत में आया।
वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जिला मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तत्काल जांच समिति का गठन किया। समिति को पूरे मामले की जांच कर 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे। जांच के दौरान यह सामने आया कि संबंधित वार्डों में तैनात कर्मचारियों की लापरवाही के चलते ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई।

जांच समिति की रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग के चार कर्मचारियों को किया गया सस्पेंड

जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए चार कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। इनमें दो स्टाफ नर्स और दो वार्ड बॉय शामिल हैं। बताया गया कि ये सभी कर्मचारी ऑर्थोपेडिक वार्ड में ड्यूटी पर तैनात थे। जहां से चूहे और कुत्तों के वीडियो सामने आए थे। निलंबन की कार्रवाई तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
इस पूरे मामले पर मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. धनंजय सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो सामने आने के बाद जांच कराई गई थी। जांच में चार कर्मचारी दोषी पाए गए हैं। इसलिए उन्हें सस्पेंड किया गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में चूहे, कुत्ते, बिल्ली और कभी-कभी बंदर भी घुस आते हैं। जो एक गंभीर समस्या है।

सूचना के बावजूद नगर पालिका ने नहीं लिया संज्ञान

प्रधानाचार्य ने यह भी बताया कि इस समस्या को लेकर नगर पालिका को कई बार पत्र लिखा गया है। लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हो पाया है। अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग होने के कारण सुरक्षा और संरचना से जुड़ी दिक्कतें बनी रहती हैं। हालांकि, अस्पताल के बगल में नई बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है।

ओपीडी जल्द ही नई बिल्डिंग में शिफ्ट होगी

उन्होंने कहा कि जल्द ही ओपीडी के साथ-साथ वार्डों को नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाएगा, जिससे मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और इस तरह की समस्याओं से निजात पाई जा सके। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए सख्त निगरानी और व्यवस्था की जाएगी।