
UPSC CSE 2026 New Rules(Image-Freepik)
UPSC CSE 2026 New Rules: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 को लेकर कई बड़े और अहम बदलाव किए हैं। इस बार आयोग ने आवेदन प्रक्रिया से लेकर पहचान वेरिफिकेशन और पात्रता नियमों तक कई नए प्रावधान लागू किए हैं। नए नियमों का मकसद प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाना, फर्जीवाड़े पर रोक लगाना और आवेदन प्रणाली को व्यवस्थित करना बताया जा रहा है। खास बात यह है कि कुछ बदलाव ऐसे हैं जो सीधे तौर पर उम्मीदवारों के भविष्य को तय कर सकते हैं।
UPSC के नए नियमों में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि जो उम्मीदवार पहले से ही IAS, IFS या अन्य ग्रुप-A सेवाओं में चयनित होकर सेवा में कार्यरत हैं, वे अब दोबारा सिविल सेवा परीक्षा नहीं दे सकेंगे। पहले कई अभ्यर्थी अपनी पसंदीदा सेवा पाने के लिए दोबारा परीक्षा देते थे, लेकिन अब इस पर रोक लगा दी गई है। वहीं, IPS में चयनित अभ्यर्थी उसी सेवा के लिए फिर से परीक्षा नहीं दे पाएंगे। हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में सीमित राहत दी गई है, लेकिन उसके लिए सख्त शर्तें तय की गई हैं।
अब आवेदन करते समय उम्मीदवारों को हाल की पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करने के साथ कैमरे से लाइव फोटो भी देनी होगी। दोनों तस्वीरों का मिलान जरूरी रहेगा। अगर फोटो साफ नहीं हुई या चेहरा अलग दिखा तो आवेदन रद्द किया जा सकता है। हस्ताक्षर को लेकर भी नए निर्देश जारी किए गए हैं। उम्मीदवार को सफेद कागज पर काले पेन से तीन बार हस्ताक्षर करके उसे स्कैन कर अपलोड करना होगा। हस्ताक्षर अस्पष्ट होने पर आवेदन अमान्य माना जा सकता है।
इस बार यूपीएससी ने ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को चार हिस्सों में बांट दिया है। पहले चरण में उम्मीदवार को ईमेल और मोबाइल नंबर के जरिए अपना अकाउंट बनाना होगा। आगे की सभी जानकारी इसी अकाउंट पर उपलब्ध होगी।
दूसरे चरण में उम्मीदवार को यूनिवर्सल रजिस्ट्रेशन नंबर यानी URN मिलेगा। यह नंबर जीवन भर के लिए मान्य रहेगा और भविष्य में किसी भी यूपीएससी परीक्षा के लिए इसी का उपयोग होगा।
तीसरे चरण में कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा, जिसमें व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा, पहचान पत्र और आरक्षण से जुड़ी जानकारी शामिल होगी।
अंतिम चरण परीक्षा से जुड़ा होगा, जिसमें परीक्षा केंद्र, सेवा वरीयता, वैकल्पिक विषय और शुल्क जमा करने जैसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
आयोग ने पहचान पहचान वेरिफिकेशन को तेज करने के लिए आधार कार्ड के उपयोग की सलाह दी है। हालांकि अन्य पहचान पत्र जैसे वोटर आईडी, पैन कार्ड, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस भी मान्य रहेंगे।
इस बार यूपीएससी ने आवेदन प्रक्रिया को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। आवेदन जमा होने के बाद किसी भी तरह का बदलाव या आवेदन वापस लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसलिए उम्मीदवारों को अंतिम सबमिशन से पहले सभी जानकारी ध्यान से जांचने की सलाह दी गई है।
अब एडमिट कार्ड केवल ऑनलाइन ही जारी होगा। उम्मीदवारों को वेबसाइट से लॉगिन कर इसे डाउनलोड करना होगा। परीक्षा केंद्र पर प्रिंटेड एडमिट कार्ड और वैध पहचान पत्र ले जाना जरूरी रहेगा।
नकल और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर फेस ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था भी लागू की गई है। इसके अलावा सुरक्षा जांच और पहचान वेरिफिकेशन भी किया जाएगा।
पहले उम्मीदवारों को प्रश्न पत्र पर आपत्ति दर्ज करने के लिए सात दिन मिलते थे। अब यह अवधि घटाकर पांच दिन कर दी गई है। यह समय परीक्षा के तीसरे दिन से शुरू होकर सातवें दिन शाम छह बजे तक रहेगा।
ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर उम्मीदवारों को चार वित्तीय वर्षों की आय के आधार पर नया प्रमाण पत्र देना होगा, जो एक अप्रैल 2025 के बाद जारी हुआ हो। वहीं ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र भी वित्तीय वर्ष 2024-25 के आधार पर निर्धारित समय सीमा में जारी होना जरूरी होगा।
यूपीएससी ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रीलिम्स और मेंस परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद उम्मीदवारों को तय समय के भीतर पोर्टल पर लॉगिन करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर उन्हें अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
उम्मीदवार अपने URN प्रोफाइल में सिर्फ एक बार बदलाव कर सकेंगे। हालांकि यह बदलाव पहले से जमा किए गए आवेदन पर लागू नहीं होगा, बल्कि भविष्य की परीक्षाओं में ही मान्य होगा।
Published on:
05 Feb 2026 04:33 pm
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