
Ahmad-Reza Radan (File Photo)
ईरान (Iran) में कुछ दिन पहले तक हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ। इन विरोध प्रदर्शनों की वजह से ईरान और अमेरिका (United States Of America) के बीच तनाव भी बढ़ गया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने तो ईरान पर हमले की भी धमकी दे दी थी। हालांकि ईरान के बड़े लेवल पर प्रदर्शनकारियों को फांसी न देने के वादे के बाद दोनों देशों में तनाव कुछ हद तक कम हुआ। हालांकि अब ईरान की सरकार ने हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों को दंगे करार दिया है।
ईरान के राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख अहमद-रेज़ा रादान (Ahmad-Reza Radan) ने देश में हुए दंगों में शामिल हुए प्रदर्शनकारियों को अल्टीमेटम दिया है। रादान ने प्रदर्शनकरियों को संदेश देते हुए कहा, "3 दिन में सरेंडर करो नहीं तो सरकार और पुलिस कानून के तहत सख्त कार्रवाई करेगी। दंगाइयों के खिलाफ व्यक्तिगत रूप से एक्शन लिया जाएगा।"
रादान ने बताया कि जो प्रदर्शनकारी तय समयसीमा के भीतर सरेंडर कर देंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी। रादान ने कहा कि सरेंडर करने वालों को दुश्मन सैनिक नहीं, बल्कि धोखे में आए युवा समझा जाएगा और कम से कम सज़ा दी जाएगी। ऐसे लोगों को भ्रमित मानते हुए उनके साथ नरमी बरती जाएगी।
ईरानी सरकार का मानना है कि देश में हुए विरोध प्रदर्शन अस्थिरता को बढ़ाने के लिए हुए। ईरान के अधिकारियों का दावा है कि इसके पीछे अमेरिका के साथ ही इज़रायल (Israel) का भी हाथ था, जिससे देश में तख्तापलट के लिए दबाव बनाया जा सके।
Updated on:
20 Jan 2026 03:41 pm
Published on:
20 Jan 2026 11:47 am
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