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Sea Piracy: चीन की ‘समुद्री डकैती’ पर अमेरिका ने आंखें दिखाईं, भारत के लिए बढ़ा खतरा

Geopolitics: अमेरिका के सांसदों ने चीन पर बहुत गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह दुनिया भर के समुद्रों में अवैध रूप से मछली पकड़ने के कारोबार को बढ़ावा दे रहा है। अमेरिकी कांग्रेस की एक हालिया रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि चीन की यह हरकत न केवल वैश्विक खाद्य सुरक्षा (Food […]

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भारत

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MI Zahir

Jan 20, 2026

China Illegal Fishing Report 2026

चीन समुद्र में अवैध तरीके से मछली पकड़ रहा। ( फोटो: द वॉशिंगटन पोस्ट)

Geopolitics: अमेरिका के सांसदों ने चीन पर बहुत गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह दुनिया भर के समुद्रों में अवैध रूप से मछली पकड़ने के कारोबार को बढ़ावा दे रहा है। अमेरिकी कांग्रेस की एक हालिया रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि चीन की यह हरकत न केवल वैश्विक खाद्य सुरक्षा (Food Security) के लिए खतरा है, बल्कि यह कई देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा में भी सेंध लगा रही है। भारत के लिए भी यह खबर चिंताजनक है क्योंकि हिंद महासागर चीन का नया निशाना बन गया है। अमेरिकी सांसदों का दावा है कि चीन के पास दुनिया का सबसे बड़ा 'दूर-समुद्री मछली पकड़ने वाला बेड़ा' (Distant Water Fishing Fleet) है। ये जहाज अक्सर दूसरे देशों के विशेष आर्थिक क्षेत्रों (EEZ) में घुसकर अवैध रूप से शिकार (Illegal Fishing Crisis)) करते हैं।

इकोसिस्टम को नुकसान हो रहा

चीन के जहाज 'ट्रॉलिंग' जैसी प्रतिबंधित तकनीकों का उपयोग करते हैं, जो समुद्र के तल को नष्ट कर देती हैं और मछलियों की कई प्रजातियों को विलुप्ति की कगार पर पहुंचा देती हैं।

खाद्य सुरक्षा: तटीय देशों के स्थानीय मछुआरों के लिए मछलियां कम हो रही हैं, जिससे उन देशों की अर्थव्यवस्था और प्रोटीन के प्राथमिक स्रोत पर संकट खड़ा हो गया है।

भारत और हिंद महासागर पर प्रभाव

भारत के लिए यह मुद्दा केवल पर्यावरण से नहीं, बल्कि रणनीतिक सुरक्षा से भी जुड़ा है।

समुद्री घुसपैठ: चीन के 'मछुआरा मिलिशिया' (Fishermen Militia) कहे जाने वाले जहाज अक्सर जासूसी उपकरणों से लैस होते हैं। हिंद महासागर में इनकी बढ़ती मौजूदगी भारतीय नौसेना के लिए निगरानी की चुनौती पैदा करती है।

स्थानीय मछुआरों का नुकसान: बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के पास चीन के जहाजों की आवाजाही से भारतीय मछुआरों की आजीविका प्रभावित हो रही है।

अमेरिकी सांसदों की चेतावनी

अमेरिकी सदन की समिति ने कहा कि चीन इस अवैध व्यापार के जरिए अपनी समुद्री शक्ति का विस्तार कर रहा है। सांसदों ने मांग की है कि चीन पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएं और उन जहाजों को ब्लैकलिस्ट किया जाए जो अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करते हैं। उन्होंने इसे "समुद्र की संप्रभुता पर हमला" करार दिया है।

चीन समुद्र के संसाधनों की चोरी कर रहा

अमेरिकी अधिकारी: "चीन समुद्र के संसाधनों की चोरी कर रहा है। हमें एक वैश्विक गठबंधन बनाकर इस 'समुद्री डकैती' को रोकना होगा।"

भारतीय रक्षा विशेषज्ञ: "चीन के मछली पकड़ने वाले जहाज वास्तव में उसकी नौसेना के 'अघोषित जासूस' हैं। भारत को 'क्वाड' (QUAD) देशों के साथ मिलकर समुद्री डोमेन जागरूकता (MDA) को और मजबूत करना चाहिए।"

अमेरिका जल्द ही एक नया कानून लाने की तैयारी में

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका जल्द ही एक नया कानून लाने की तैयारी में है जो अवैध रूप से पकड़ी गई मछलियों के आयात पर पूरी तरह रोक लगा देगा। वहीं, हिंद महासागर क्षेत्र के देश अब सैटेलाइट निगरानी के जरिए चीन के 'डार्क वेसल्स' (वे जहाज जो अपना लोकेशन ट्रैकर बंद रखते हैं) को ट्रैक करने की योजना बना रहे हैं।

मजदूरों के साथ अक्सर बंधुआ मजदूरों जैसा व्यवहार

बहरहाल, इस विवाद का एक मानवीय पहलू भी है। चीन के इन जहाजों पर काम करने वाले मजदूरों के साथ अक्सर बंधुआ मजदूरों जैसा व्यवहार किया जाता है। मानवाधिकार संगठनों ने रिपोर्ट दी है कि इन जहाजों पर काम करने की स्थितियां बेहद दयनीय हैं और कई बार मजदूरों को महीनों तक जमीन देखने को नहीं मिलती।