2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अजमेर से लगभग 11 किलोमीटर दूर पुष्कर कस्बे में हर साल कार्तिक शुक्ल एकादशी से शुरू होकर पूर्णिमा तक <strong><a href="https://www.patrika.com/ajmer-news/beautiful-pics-of-pushkar-fair-1928878/">Pushkar Mela</a>&nbsp;</strong>लगता है।पुष्कर मेला विशेष रूप से पशुओं और साखतौर पर ऊंटों की खरीद-फरोख्त के लिए लगने वाला मेला है। पुष्कर मेले में देश-विदेश से हजारों पर्यटक हर साल आते हैं। मेले के कुछ खास आकर्षणों में यंहा होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम हैं। पारम्परिक लोक नृत्य, लोक संगीत, घूमर, गेर, माण्ड और सपेरा जैसे लोक नृत्य देख के पर्यटक भी झूमने को मजबूर हो जाते हैं। पुष्कर तीर्थ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पूरे भारत में सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी का यहां इकलौता मंदिर है। यहीं पर पवित्र झील पुष्कर झील है। कहा जाता है कि इस झील का निर्माण भगवान ब्रह्मा जी ने करवाया था।