
शुजालपुर. समरथ को नहीं दोष गोसाईं की कहावत शुजालपुर के बिजली कंपनी में देखने को मिली। १३२ केवी उपकेंद्र सिटी मंडी रोड का सामान चोरी होने के आरोप में दो कबाड़ी, वाहन चालक और मजदूर समेत ६ पर केस दर्ज किया गया। जबकि आरोप है कि कीमती शासकीय बिजली सामग्री की अवैध बिक्री पकड़े जाने के बाद रसूखदार जिम्मेदार को बचाने के लिए गरीब मजदूरों, कबाड़ी और वाहन चालक को चोरी के केस में फंसाया गया। इसे लेकर मीडिया ने सवाल उठाए तो मामले की जांच करने सोमवार को उज्जैन से संभागीय अभियंता योगेशकुमार माथुर पहुंचे। आरोपी बनाए गए कबाड़ी, वाहन चालक और मजदूर ने अपनी स्थिति स्पष्ट की तो बिजली कंपनी के अफसर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए।
सिटी थाना शुजालपुर में ३१ जनवरी को कार्यपालन अभियंता अरुणकुमार कनोजिया की सूचना पर कैलाश बागरी, जावेद खान, शकील खान, आरिफ खान, इस्माइल खान एवं आमिर के विरुद्ध चोरी का प्रकरण दर्ज किया गया। केस में उल्लेख किया गया कि सामग्री १३२ केवी उपकेंद्र से २२० केवी उपकेंद्र भेजी जानी थी, लेकिन वाहन चालक और अन्य लोग उसे वहां न ले जाकर कबाडी के घर ले गए। इधर, पीडि़तों का कहना है कि सामग्री विभागीय अधिकारी ने बेची थी।
कबाड़ी के आरोपों के अनुसार उपकेंद्र पर पदस्थ सहायक अभियंता एई विजय ओझा ने बिना वरिष्ठ कार्यालय की अनुमति परिसर में रखी लाखों की शासकीय सामग्री कबाड़ के रूप में बेचने की बातचीत की। २९ जनवरी शाम शहर के कबाड़ी को १३२ केवी उपकेंद्र परिसर में बुलाकर तांबे की रॉड, क्वाइल रिले, एल्यूमीनियम, लोहा, बैटरी सहित अन्य उपकरण दिखाए गए। इसके बाद कीमत १ लाख २२५०० रुपए तय की गई। ३० जनवरी को कबाड़ी मजदूरों और किराये के वाहन के साथ पहुंचा। दो घंटे तक स्क्रैप की तौल प्रक्रिया चली। वजन के बाद सामग्री वाहन में लोड कर दोपहर १.१० बजे परिसर से बाहर ले जाई गई। विभागीय रजिस्टर में वाहन, व्यक्तियों की आवक-जावक दर्ज की गई, जिसमें सामग्री एई के आदेश से ले जाने का उल्लेख है। वाहन कबाड़ी के घर पहुंचा, जहां स्क्रैप उतारने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान पुलिस पहुंची और सामग्री को शासकीय बताते हुए वाहन सहित थाने ले आई। ३० जनवरी को कंपनी के अधिकारियों को सूचना नहीं दी गई। ३१ जनवरी को मीडिया के पूछताछ के बाद पुलिस ने चोरी का केस दर्ज किया। पुलिस ने जांच किए बना एकतरफा एफआइआर कर ली।
कबाड़ी जावेद और शकील ने बताया एई ने स्वयं परिसर में बुलाकर खुलेआम शासकीय सामग्री बेचने की बात कही थी। सौदा तय होने के बाद राशि भी दी गई। अब जब मामला उजागर हुआ तो उन्हें और २०० रुपए मजदूरी पर काम करने गए मजदूरों को चोरी का आरोपी बना दिया। कबाड़ी से ली गई १ लाख २२५०० रुपए की राशि ३० जनवरी को अकोदिया रोड स्थित मामा कैफे में ली गई। एई ओझा दोपहर १.४० बजे बाइक से शकील के साथ होटल पहुंचे और अंदर लेन-देन हुआ। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है।
किराये का वाहन चलाने वाले कैलाश बागरी निवासी शीतलनगर शुजालपुर सिटी ने बताया कि ५०० रुपए किराये में सामान ले जाने की बात तय हुई थी। उन्होंने अधिकारियों की मौजूदगी में उपकेंद्र से सामान उठाकर कबाड़ी के घर पहुंचाया। बावजूद चोरी के मामले में फंसाया। वाहन चार दिनों से थाने में खड़ा है और किराया भी नहीं मिला।
जांच जारी, दोषी को नहीं छोड़ेंगे
१३२ केवी उपकेंद्र की सामग्री जब्त होने की जानकारी मिली है। जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
एसबी. सक्सेना, चीफ इंजीनियर, प्रेषण एवं संचार, बिजली कंपनी, जबलपुर
यदि निर्दोष लोगों को फंसाया गया है, तो मामले की जांच की जाएगी।
निमेष देशमुख, एसडीओपी, शुजालपुर
Published on:
03 Feb 2026 12:57 am
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