
पटना पुलिस
NEET Student Rape-Death Case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अभी भी अनसुलझा है। हालांकि, SIT जांच के दौरान छात्रा की डायरी में लिखे ‘I AM ALONE’ और ‘FK MY LIFE’ जैसे शब्द अब इस मामले में सबसे अहम सुराग बन गए हैं। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच के बाद, पुलिस ने पहली बार औपचारिक रूप से माना है कि छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न हुआ था। हालांकि, आरोपी की पहचान अभी भी अज्ञात है। अब इस मामले की जांच CBI करेगी।
SIT के अनुसार, छात्रा नियमित रूप से अपनी डायरी लिखती थी। इसमें उसने अपने परिवार, दोस्तों, भाई और निजी जीवन से जुड़े अनुभव लिखे थे। जांच में पता चला कि छात्रा लंबे समय से गहरे अकेलेपन और मानसिक तनाव से जूझ रही थी। डायरी में बार-बार ‘I AM ALONE’ जैसे वाक्य लिखे जाने को SIT ने किसी एक दिन की भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे इमोशनल स्ट्रेस का संकेत माना है। SIT का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव, परिवार से दूरी और निजी जीवन में कुछ झगड़े उसकी मानसिक स्थिति को कमजोर कर रहे थे।
SIT के मुताबिक, डायरी में छात्रा जब अपने दोस्तों का जिक्र करती है तो शब्द सॉफ्ट हैं, लेकिन परिवार के संदर्भ में नाराजगी झलकती है। खासकर, भाई के बारे में लिखी कुछ पंक्तियों में छात्रा का गुस्सा साफ झलकता है। जांच टीम ने इस गुस्से के कारणों को समझने के लिए उसके भाई और परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ की, लेकिन कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया। SIT ने निष्कर्ष निकाला कि छात्रा ने कभी भी खुलकर अपनी भावनाएं साझा नहीं कीं और अंदरूनी दबाव झेलती रही।
शुरुआत में मामले को सुसाइड बताने वाली पुलिस ने अब आधिकारिक तौर पर माना है कि छात्रा के साथ दरिंदगी हुई थी। पुलिस ने औपचारिक रूप से माना कि परिजनों द्वारा दिए गए छात्रा के कपड़े पर स्पर्म मिला है। पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने साफ कहा कि छात्रा के साथ यौन हिंसा से इनकार नहीं किया जा सकता।
पुलिस ने इस मामले में 18 लोगों के DNA सैंपल लिए, लेकिन उनमें से कोई भी सैंपल छात्रा के कपड़े पर मिले स्पर्म से मैच नहीं हुआ। यहीं पर SIT की जांच ठाहर गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस ने माना कि टीम किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाई। इसी विफलता के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंपने की सिफारिश की। IG जितेंद्र राणा ने बताया कि केस POCSO एक्ट के तहत दर्ज है और SIT ने अब तक की पूरी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंप दी है।
यह पहली बार है जब बिहार पुलिस ने शुरुआती जांच में लापरवाही की बात खुले तौर पर मानी है। SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि चित्रगुप्त नगर पुलिस स्टेशन लेवल पर गंभीर चूक हुई थी। इस मामले में कदमकुआं के SI और चित्रगुप्त नगर पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि घटना की रिपोर्ट करने में देरी और शुरुआती कार्रवाई में कमियों की वजह से जांच कमजोर हुई।
इस मामले में शंभू गर्ल्स हॉस्टल की भूमिका की भी जांच की जा रही है। बिहार DGP विनय कुमार ने बताया कि हॉस्टल मैनेजमेंट की तरफ से गंभीर लापरवाही सामने आई है। पुलिस को समय पर सूचना नहीं दी गई, जबकि यह उनकी जिम्मेदारी थी। DGP ने साफ किया कि हॉस्टल का लाइसेंस रद्द किया जाएगा और मालिक को पटना में कोई भी हॉस्टल चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
| मुद्दा | पुलिस/SIT का दावा | परिजनों का आरोप |
| केस दर्ज करना | परिजन केस दर्ज नहीं कराना चाहते थे। | हम पर सुसाइड मानने का दबाव बनाया गया। |
| दवा का पत्ता | छात्रा ने नींद की गोली (अमिटॉल प्लस) सर्च की और खरीदी। | वह पिता की दवा थी, जो गलती से बैग में चली गई थी। |
| जांच की दिशा | तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की गई। | 25 दिन बाद भी जांच शून्य है, आरोपी का पता नहीं। |
Updated on:
05 Feb 2026 10:34 am
Published on:
05 Feb 2026 10:33 am
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