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#Ratlam में हेलमेट से परहेज : 120 दिन में 73 भीषण सडक़ दुर्घटनाएं, 85 अपनी जान गंवा चुके

रतलाम. पुलिस ने पिछले सालों में जिले से गुजर रहे करीब 100 किमी लंबे महू-नीमच हाईवे के ब्लैक स्पॉट पर लगातार काम किया है। इससे इनकी संख्या 13 से घटकर इस समय 9 रह गई है किंतु इनसे इतर हादसों में कम नहीं आ रही है। इसकी एक बड़ी वजह हेलमेट से परहेज होना है। […]

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Dead body (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Dead body (प्रतीकात्मक तस्वीर)

रतलाम. पुलिस ने पिछले सालों में जिले से गुजर रहे करीब 100 किमी लंबे महू-नीमच हाईवे के ब्लैक स्पॉट पर लगातार काम किया है। इससे इनकी संख्या 13 से घटकर इस समय 9 रह गई है किंतु इनसे इतर हादसों में कम नहीं आ रही है। इसकी एक बड़ी वजह हेलमेट से परहेज होना है।

यहां पर सडक़ दुर्घटनाओं में अव्वल

आमतौर पर हर मार्ग पर सडक़ हादसे होते हैं किंतु जिले की सीमा से गुजर रहे महू-नीमच हाईवे के तीन थाने हादसों के मामले में अव्वल है। इनमें सबसे ज्यादा हादसे और मृत्यु बिलपांक थाना क्षेत्र में 23 हादसों में 17 की जान जा चुकी है। नामली में 6 में नौ, आईए जावरा में नौ में नौ की जान जा चुकी है। हाईवे से इतर आदिवासी अंचल के रावटी थाना क्षेत्र में पांच दुर्घटनाओं में नौ लोग जान गंवा चुके हैं। केवल अक्टूबर 2025 से लेकर जनवरी 2026 तक के ही चार माह के आंकड़़े देखें तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि 120 दिन में 73 भीषण सडक़ दुर्घटनाएं हुई और इनमें 85 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

अच्छी बात यह यहां एक भी मौत नहीं

जिले के कई थाना क्षेत्र में हादसे तो हुए हैं किंतु ये उतने बड़े नहीं हुए जिनमें किसी की जान गई हो। इन दुर्घटनाओं में व्यक्ति या तो मामूली या गंभीर घायल हुए हैं। किंतु किसी की जान नहीं गई। इनमें माणकचौक थाना, जावरा शहर, कालूखेड़ा, बरखेड़ा और सैलाना थाना है। दूसरी तरफ आईए थाना रतलाम और बड़़ावदा थाना क्षेत्र में चार माह में एक-एक हादसों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।

पुलिस का ब्लैक स्पॉट पर ध्यान

हाल ही के महीनों में यातायात पुलिस, प्रशासन और लोनिवि के एमपीआरडीसी अफसरों के साथ मिलकर महू-नीमच हाईवे के साथ ही ज्यादा दुर्घटनाओं वाले क्षेत्रों का लगातार भ्रमण हो रहा है। यहां हादसे के कारणों खासकर संकेतकों, रंबल स्ट्रीप, रात में लाइटिंग की व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। महू-नीमच हाईवे पर सबसे ज्यादा ध्यान इसलिए भी दिया जा रहा है कि इस पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।

आंकड़़ों पर एक नजर

1 अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 तक के आंकड़े

- दुर्घटनाएं - 73

- मृत्यु - 85

मासिक विश्लेषण

- अक्टूबर 2025 - 23 दुर्घटनाएं - 27 मृत्यु।

- नवंबर 2025 - 15 दुर्घटनाएं - 20 मृत्यु।

- दिसंबर 2025 - 17 दुर्घटनाएं - 17 मृत्यु।

- जनवरी 2026 - 18 दुर्घटनाएं - 21 मृत्यु।

थानों में सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं

- बिलपांक थाना क्षेत्र - 14 दुर्घटनाएं (17 मृत्यु)

- नामली थाना क्षेत्र - 6 दुर्घटनाएं (9 मृत्यु)

- रावटी थाना क्षेत्र - 5 दुर्घटनाएं (9 मृत्यु)

- आईए जावरा थाना क्षेत्र - 9 दुर्घटनाएं (9 मृत्यु)

बढ़ते हादसों का एनालिसिस

जिले में बढ़ते सडक़ हादसों का एनालिसिस किया जा रहा है। चार माह के आंकड़ों के आधार पर जिलेभर के प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा मापदंडों की समीक्षा कर रहे हैं। जहां जरुरत होगी वहां एमपीआरडीसी और लोनिवि से सुरक्षा के इंतजाम करवाने का प्रयास कर रहे हैं जिससे हादसे टाले जा सके और लोगों की जान बचाई जा सके।

अमित कुमार, एसपी, रतलाम