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दंतेवाड़ा, May 14, 2026

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के लावा गांव में पहली बार पहुंचेगी स्वच्छ पेयजल सुविधा, प्यासे नहीं रहेंगे बैलाडीला पहाड़ी के लोग, खनन कार्य शुरू

Chhattisgarh News: पेयजल संकट इन गांवों की सबसे बड़ी समस्या रही है। कई गांवों में हैंडपंप तक उपलब्ध नहीं थे, जिसके चलते ग्रामीणों को दूर-दराज के जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था।

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गांव में पहली बार पहुंचेगी स्वच्छ पेयजल सुविधा (photo AI)

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के लावा गांव में पहली बार ग्रामीणों को पेयजल सुविधा मिलने जा रही है। वर्षों से पानी की समस्या से जूझ रहे लोगों को अब राहत मिलेगी। योजना के तहत गांव में जल आपूर्ति व्यवस्था तैयार की जा रही है, जिससे घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जाएगा। बैलाडीला पहाड़ी के पीछे बसे अति दुर्गम गांव लंबे समय से भौगोलिक विषमताओं और मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझते रहे हैं। प्राकृतिक बाधाओं और अन्य परिस्थितियों के कारण इन क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। हालांकि अब प्रशासनिक इच्छाशक्ति के चलते इन गांवों में विकास की नई शुरुआत दिखाई देने लगी है। इन क्षेत्रों में पेयजल संकट को लेकर लगातार मुद्दा उठाया जाता रहा है।

Chhattisgarh News: कलेक्टर के भ्रमण के बाद मिली स्वीकृति

इसी कड़ी में जिला प्रशासन ने बैलाडीला पहाड़ी के पीछे स्थित ग्राम पंचायत हिरोली अंतर्गत बड़ेपल्ली, पुरंगेल और लावा जैसे पहुंच विहीन गांवों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के क्षेत्र भ्रमण के उपरांत ग्रामीणों की सबसे बड़ी समस्या पेयजल को देखते हुए 10 कुओं के खनन कार्य की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। वर्तमान में इनमें से 4 कुओं का खनन कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष कार्य प्रगतिरत है।

गांवों में सीमित हैंडपंप व्यवस्था

वर्तमान में जिन गांवों में कुआं खनन कार्य चल रहा है, वहां पहले से हैंडपंपों की संख्या बेहद सीमित है। ग्राम बेंगपाल में 5 हैंडपंप स्थापित हैं और यहां 2 कुओं का खनन कार्य पूरा हो चुका है। वहीं ग्राम बड़ेपल्ली में केवल 1 हैंडपंप उपलब्ध है तथा यहां भी 2 कुओं का खनन पूरा किया जा चुका है। ग्राम पुरंगेल में 1 हैंडपंप है और 1 कुएं का निर्माण कार्य जारी है।

लावा गांव में पहली बार मिलेगी पेयजल सुविधा

ग्राम लावा की स्थिति सबसे अधिक गंभीर रही है, जहां वर्तमान में एक भी हैंडपंप उपलब्ध नहीं है। यहां कुआं खनन के लिए आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा रही है और प्रशासन का दावा है कि इस माह के अंत तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

सोलर आधारित जल व्यवस्था की भी तैयारी

इसके अलावा ग्राम बेंगपाल में क्रेडा के माध्यम से सोलर आधारित जल सुविधा विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पानी की यील्ड टेङ्क्षस्टग का कार्य भी शुरू कर दिया गया है, ताकि भविष्य में ग्रामीणों को स्थायी पेयजल सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

दुर्गम क्षेत्र में नहीं पहुंच पाती बोर मशीन

इन गांवों में सबसे बड़ी समस्या यह रही कि अत्यधिक दुर्गम भूभाग के कारण बोङ्क्षरग मशीनों का पहुंच पाना संभव नहीं हो सका। ऐसे में ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कुआं खनन को विकल्प माना गया।

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