भारत, May 29, 2026

भारत में तेजी से बढ़ रहा क्रूज टूरिज्म का क्रेज (photo,AI)
Cruise Tourism : दुनिया भर में क्रूज टूरिज्म का बाजार काफी तेजी से बढ़ रहा है। स्टेटिस्टा के सर्वे के अनुसार दुनिया के अमीर देशों के लोग जमीन से ज्यादा समंदर पर वक्त बिताना पसंद कर रहे हैं। इस ग्लोबल रेस में फिनलैंड सबसे आगे निकल गया है, वहीं भारत के मिडिल और अपर-मिडिल क्लास में भी अब क्रूज पर वेकेशन मनाने का क्रेज बढ़ रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में लोग अब होटल या रिजॉर्ट में रुकने के बजाय क्रूज पर सफर करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। पिछले एक साल के सर्वे में फिनलैंड के सबसे ज्यादा 29% लोगों ने क्रूज बुक किया। इसके बाद यूएई 17%, स्वीडन 14%, सिंगापुर 13% और अमेरिका व ब्रिटेन 10% का नंबर आता है, जबकि जर्मनी, स्पेन और फ्रांस जैसे देशों में यह क्रेज थोड़ा कम है। साफ है कि लोग अब सिर्फ एक जगह रुकने के बजाय समुद्र के बीच लग्जरी खाना खाने, पार्टियों और एक ही यात्रा में कई देशों को देखने के अनोखे अनुभव को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक एशिया में भी क्रूज ट्रैवल तेजी से बढ़ रहा है। सिंगापुर और यूएई जैसे देशों ने खुद को बड़े क्रूज हब में बदल लिया है।
फिनलैंड में क्रूज का सफर बेहद लोकप्रिय है। यहां हर 10 में से लगभग 3 लोग क्रूज में घूमना पसंद करते हैं। ऐसा वहां के भूगोल और लाइफस्टाइल की वजह से है, क्योंकि बाल्टिक सागर से घिरे होने के कारण फिनलैंड की स्वीडन और एस्टोनिया जैसे पड़ोसी देशों के साथ क्रूज कनेक्टिविटी बहुत शानदार है। वहां के लोगों के लिए यह सिर्फ एक छुट्टी नहीं, बल्कि वीकेंड पर मौज-मस्ती करने और दूसरे देशों की सैर करने का एक आसान व रोजमर्रा का जरिया बन चुका है। वहीं दूसरी तरफ, दुबई और सिंगापुर जैसे देश भी अपनी बेहतरीन पोर्ट सुविधाओं और आलीशान टर्मिनल्स के दम पर इस लिस्ट में काफी आगे हैं।
| देश का नाम | क्रूज बुक करने वाले लोग (प्रतिशत में) |
|---|---|
| फिनलैंड | 29% |
| यूएई | 17% |
| स्वीडन | 14% |
| सिंगापुर | 13% |
| अमेरिका | 10% |
| ब्रिटेन | 10% |
| जर्मनी | 6% |
| स्पेन | 6% |
| फ्रांस | 5% |
| फिलीपिंस | 4% |
India Cruise Tourism Growth: भारत में भी लोगों के घूमने-फिरने का अंदाज तेजी से बदल रहा है। पहले जहां लोग सिर्फ पहाड़ों या धार्मिक जगहों पर जाते थे, वहीं अब लोग समुंदर के बीच घूमना चाहते हैं। इसीलिए देश में क्रूज टूरिज्म का क्रेज बढ़ रहा है। केंद्रीय जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय (Ministry of Ports, Shipping and Waterways) के अनुमानित आंकड़ों और भारतीय टूरिज्म रिपोर्ट के मुताबिक भारत में क्रूज पर जाने वाले यात्रियों की संख्या में सालाना 25% से 30% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
भारत का क्रूज बाजार जहां 2025 में करीब 157 मिलियन डॉलर का था, वहीं 2033 तक इसके तीन गुना बढ़कर 468 मिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे क्रूज ट्रिप्स, डेस्टिनेशन वेडिंग्स, लग्जरी पार्टियों और फैमिली वेकेशन पैकेजों ने भारतीय युवाओं और यात्रियों के बीच शानदार लाइफस्टाइल और प्रीमियम ट्रैवल एक्सपीरियंस का क्रेज तेजी से बढ़ा दिया है। अब लोग सिर्फ घूमने नहीं, बल्कि यादगार और लग्जरी अनुभव जीने के लिए भी बड़ी संख्या में खर्च करने लगे हैं।
भारत में समुद्र से लेकर नदियों तक क्रूज का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। समुद्री रास्तों मुंबई-गोवा रूट सबसे ज्यादा पॉपुलर है, जबकि लक्षद्वीप, कोच्चि, चेन्नई और अंडमान में भी क्रूज सर्विस तेजी से बढ़ रही है। देश की निजी कंपनी कॉर्डेलिया क्रूज अब तक लाखों लोगों को सफर करा चुकी है। वहीं, नदियों में गंगा, ब्रह्मपुत्र, वाराणसी और केरल के बैकवॉटर में रिवर क्रूज पर्यटकों को खूब लुभा रहे हैं। इस बदलाव को रफ्तार देने के लिए सरकार 'क्रूज भारत मिशन' के तहत 2027 तक 14 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों को जोड़कर 51 नए रिवर क्रूज सर्किट बनाने जा रही है, और दिल्ली की यमुना नदी में भी पहली बार रिवर क्रूज शुरू करने की तैयारी हो चुकी है।
क्रूज सफर में ज्यादा तर ऑल-इन-वन पैकेज होता है, जहां एक ही टिकट में आपको आलीशान कमरा, रहने की व्यवस्था, दुनिया भर का खाना, डिस्को, पब, स्विमिंग पूल और थिएटर जैसी तमाम सुविधाएं मिल जाती हैं। इससे बार-बार फ्लाइट बदलने या होटल बुक करने का झंझट पूरी तरह खत्म हो जाता है। इसके अलावा, भारत में अब मुंबई से गोवा या मुंबई से दीव जैसे बजट फ्रेंडली घरेलू क्रूज के बेहतरीन विकल्प भी आ चुके हैं, जिससे सुविधा आसानी से मिल जाता है।
भारत के पास करीब 7500 किलोमीटर लंबी समुद्री तटरेखा, 100 से ज्यादा नेशनल वॉटरवे और सैकड़ों छोटे-बड़े पोर्ट मौजूद हैं, जिसके चलते यह भारत एशिया का एक बड़ा क्रूज टूरिज्म सेंटर बन सकता है। सरकार भी इस सेक्टर को सिर्फ पर्यटन नहीं बल्कि रोजगार और ब्लू इकॉनमी (Blue Economy) से जोड़कर देख रही है। क्रूज टूरिज्म के बढ़ने से होटल, ट्रांसपोर्ट, गाइड और फूड बिजनेस जैसे छोटे स्थानीय कारोबारियों को सीधा फायदा मिलता है, क्योंकि जब एक बड़ा क्रूज जहाज एक बार में हजारों पर्यटकों को किसी शहर में लेकर आता है, तो वहां के लोकल मार्केट में एक साथ करोड़ों रुपये का कारोबार होता है।
भले ही क्रूज का बाजार तेजी से बढ़ रहा हो, लेकिन भारत को बड़े स्तर पर पहुंचने के लिए अभी कई रुकावटों को पार करना होगा। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि भारत में क्रूज पर लगने वाले टैक्स और पोर्ट चार्ज काफी ज्यादा हैं, जिससे टिकट की कीमतें आम आदमी के बजट से बाहर हो जाती हैं। इसके अलावा, देश में अभी अपनी घरेलू क्रूज लाइन्स की संख्या बहुत कम है, जिसके कारण विदेशी कंपनियों पर ज्यादा निर्भर हैं। समंदर को प्रदूषण से बचाना और पर्यावरण सुरक्षा का ध्यान रखना भी एक बड़ी चुनौती है।
ग्लोबल ट्रैवल मार्केट में क्रूज टूरिज्म की रफ्तार सुपरफास्ट हो चुकी है और भारत भी क्रूज टूरिज्म में काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। हालांकि देश में अभी यह सेक्टर शुरुआती दौर में है, लेकिन सरकार के भारी निवेश और लोगों नया सफर में बजट मिलने वाला है। आने वाले समय में समुद्र और नदियों की लहरों पर छुट्टियां बिताएंगे।
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Published on: 29 May 2026 07:19 pm

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