
बॉलीवुड के मशहूर प्लेबैक सिंगर उदित नारायण झा एक बार फिर विवादों में हैं। उनकी पहली पत्नी रंजना झा ने सुपौल के महिला पुलिस स्टेशन में गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने सिंगर, उनके दो भाइयों और उनकी दूसरी पत्नी पर आपराधिक साजिश, धोखे और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। रंजना का दावा है कि इलाज के नाम पर उनके साथ ऐसा प्रोसीजर किया गया जिसके बारे में उन्हें उस समय बताया नहीं गया था, लेकिन बाद में जब सच्चाई सामने आई तो उनकी जिंदगी बदल गई।
रंजना झा की शिकायत के मुताबिक, 1996 में उन्हें इलाज के बहाने दिल्ली के एक बड़े हॉस्पिटल में ले जाया गया। उनका दावा है कि वहां उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनका गर्भाशय निकाल दिया गया। रंजना का कहना है कि उन्हें इस फ्रॉड का पता कई साल बाद तब चला जब वह किसी दूसरी बीमारी के इलाज के लिए डॉक्टर के पास गईं।
उनका कहना है कि यह सिर्फ एक मेडिकल दिक्कत नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी चाल थी जिसने उन्हें न सिर्फ शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी तोड़ दिया। अगर उन्हें पहले सच बताया गया होता, तो वह ऐसा फैसला कभी नहीं लेतीं।
रंजना अपने वकील करुणाकांत झा के साथ मंगलवार को महिला पुलिस स्टेशन पहुंची और एक लिखित आवेदन दिया। वह बताती हैं कि वह सुपौल जिले के बलुआ बाजार थाना इलाके की रहने वाली हैं और उनकी शादी 7 दिसंबर 1984 को पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों से उदित नारायण के साथ हुई थी। शादी के बाद कुछ समय साथ रहने के बाद सिंगर अपने करियर के लिए मुंबई चले गए। दूरी बढ़ती गई और बातचीत कम होती गई।
रंजना का कहना है कि उन्हें बाद में मीडिया से पता चला कि उनके पति ने दूसरी शादी कर ली है। जब उन्होंने उनसे पूछा, तो उन्हें टाल दिया गया। उनका आरोप है कि सालों तक उन्हें अंधेरे में रखा गया और साफ-साफ समझने से मना किया गया। उनका कहना है कि इस दौरान उन्हें लगातार भरोसे तो दिए गए, लेकिन कोई हक या इज्जत नहीं दी गई।
रंजना का कहना है कि जब वह मुंबई पहुंची तो उसे उदित नारायण के घर में जगह नहीं मिली। उनका आरोप है कि उन्हें अंदर जाने से रोका गया। निराश होकर वह नेपाल में अपने ससुराल चली गई, लेकिन वहां भी हालात ठीक नहीं थे। आखिर में उसे अपने माता-पिता के घर में शरण लेनी पड़ी। अब इस उम्र में वह सेहत की दिक्कतों और पैसे की तंगी से जूझ रही है। उनका कहना है कि उन्होंने बहुत इंतजार किया, लेकिन हालात नहीं बदले, इसलिए कानूनी मदद लेनी पड़ी।
रंजना झा ने साफ कहा है कि वह यहां किसी को बेइज्जत करने या सनसनी फैलाने नहीं आई है। उनका कहना है कि उन्हें सिर्फ इंसाफ और इज्जत चाहिए। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की बिना किसी भेदभाव के जांच की मांग की है ताकि सच सामने आ सके।
यह पहली बार नहीं है जब उदित नारायण का यह पारिवारिक झगड़ा सामने आया है। पहले भी परिवार न्यायालय और महिला आयोग में मामला पहुंच चुका है। उनके अनुसार, उन्हें एक बार पत्नी के रूप में स्वीकार किया गया था और समझौते की बात हुई थी, लेकिन असल में उन्हें वह सम्मान नहीं मिला जिसकी उसने उम्मीद की थी।
महिला थाना प्रभारी अंजू तिवारी ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि आवेदन मिला है। चूंकि मामला करीब 30 साल पुराना है, इसलिए पुलिस पहले तथ्यों की अच्छी तरह से जांच करेगी। जांच के बाद ही FIR दर्ज करने और आगे की कानूनी कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। फिलहाल, आरोप एक पक्ष ने लगाए हैं। दूसरे पक्ष की ओर से आधिकारिक जवाब का इंतजार है।
Published on:
11 Feb 2026 11:14 am
