
The 'dark side' of mica mining: Mining department issues notice to UIT and Devasthan.
भीलवाड़ा शहर के निकटवर्ती पुर क्षेत्र में कानून को ठेंगा दिखाकर अभ्रक का काला कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। ताज्जुब है कि यह पूरा खेल प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे चल रहा है। राजस्थान पत्रिका की ओर से इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद अब खनन विभाग हरकत में आया है। खनिज विभाग ने नगर विकास न्यास व देवस्थान विभाग अजमेर के सहायक आयुक्त को नोटिस जारी किया है।
राजस्थान पत्रिका की ओर से 31 दिसंबर को खाकी और प्रशासन की नाक के नीचे 'अभ्रक' का काला खेल, रात ढलते ही सजती है अवैध खनन की मंडी शीर्षक से समाचार का प्रकाशन किया था। इसे खनिज विभाग ने गंभीरता से लेते हुए अवैध खनन क्षेत्र की जांच की। इसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ग्राम पुर स्थित कानुड़ा तालाब के पास जिस स्थान पर अवैध खनन हो रहा है, वह राजस्व रेकॉर्ड के अनुसार महादेव अधरशिला जो देवस्थान विभाग, अजमेर के नाम दर्ज है। करीब 31.6757 हेक्टेयर भूमि के आंशिक भाग पर माफियाओं ने अवैध खनन कर गहरे गड्ढे (पिट) खोद दिए हैं।
खनि अभियंता की ओर से जारी पत्र के अनुसार विभाग की तकनीकी टीम ने 9 जनवरी 2026 को मौके का मुआयना किया। जांच में पाया गया कि इसी स्थान पर 17 मार्च 2025 को भी अवैध खनन पकड़ा गया था, जिसके बाद 20 मार्च 2025 को एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद माफिया बेखौफ होकर दोबारा सक्रिय हो गए हैं।
खनन विभाग ने स्पष्ट किया है कि शासन के 2021 के परिपत्र के अनुसार, देवस्थान की भूमि पर अतिक्रमण या अवैध खनन रोकना देवस्थान विभाग अजमेर की जिम्मेदारी है। विभाग ने नगर विकास न्यास और देवस्थान विभाग को पत्र लिखकर सख्त निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में समय-समय पर चेकिंग की जाए। अवैध खनन, परिवहन या भंडारण पाए जाने पर तुरंत पुलिस में एफआइआर दर्ज कराई जाए।
हमने मौके का निरीक्षण कर स्थिति स्पष्ट कर दी है। यह भूमि देवस्थान विभाग की है, इसलिए अब उन्हें ही निगरानी रखनी होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने होंगे। पास में रहने वाले कालबेलिया परिवार के लोग करते अवैध खनन करते हैं।
महेश शर्मा, खनि अभियंता, भीलवाड़ा
Published on:
18 Jan 2026 09:13 am
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