
Teacher recruitment exam: Strictness maintained on the first day, even 'earrings' were cut off
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा का शुक्रवार से प्रदेशभर में शंखनाद हो गया। भीलवाड़ा जिले में परीक्षा के पहले दिन प्रशासन और चयन बोर्ड की ओर से सुरक्षा एवं जांच के कड़े इंतजाम देखने को मिले। परीक्षा में नकल रोकने के लिए गाइडलाइन की पालना इतनी सख्ती से की गई कि कई केंद्रों पर महिला अभ्यर्थियों के कानों की बालियां तक काटकर उन्हें प्रवेश दिया गया। वहीं, देरी से पहुंचे कुछ अभ्यर्थी दौड़ते-भागते केंद्र तक पहुंचे, लेकिन गेट बंद होने के कारण उन्हें मायूस लौटना पड़ा।
जिले में बनाए गए 31 परीक्षा केंद्रों पर पहले दिन 9240 अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना था, जिनमें से 9056 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। पहले दिन उपस्थिति का ग्राफ 98.01 प्रतिशत रहा, जबकि 184 अभ्यर्थी गैर-हाजिर रहे। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक एक ही पारी में आयोजित की गई।
बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार, परीक्षा शुरू होने से ठीक एक घंटे पहले केंद्रों के द्वार बंद कर दिए गए। इससे पहले अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखी गईं, जहां सघन तलाशी और बायोमेट्रिक जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी गई। ड्रेस कोड को लेकर भी पूरी कड़ाई रही। सर्दी के बावजूद कोट और स्वेटर उतरवाकर गहन जांच की गई। अभ्यर्थियों के फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।
पहले दिन एक पारी में परीक्षा हुई, लेकिन शेष तीन दिन 18, 19 और 20 जनवरी को परीक्षा दो-दो पारियों में आयोजित होंगी। चार दिनों में भीलवाड़ा में चित्तौड़गढ़, राजसमंद और ब्यावर जिले के अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।
परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थी ने बताया कि पेपर का स्तर अच्छा था, लेकिन प्रश्न काफी विस्तृत पूछे गए थे, जिससे समय कम महसूस हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि जिन अभ्यर्थियों की तैयारी गहन थी, उनके लिए पेपर औसत रहा, लेकिन सामान्य तैयारी वालों को प्रश्नों ने उलझाया।
Published on:
17 Jan 2026 08:56 pm

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