
NIA दिल्ली ब्लास्ट मामले में जांच में समय मांगने के लिए पहुंची कोर्ट
Red Fort Blast: दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसमें नई-नई उलझनें सामने आ रही हैं। इसी सिलसिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) फिर से कोर्ट पहुंची। एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि जांच के दौरान कई परेशानियां सामने आ रही हैं, जिन को अभी और ठीक से समझना और उन पर गहन जांच करना जरूरी है। आरोपियों की आपसी बातचीत, उनके बयान और मोबाइल-लैपटॉप जैसे डिवाइस से मिले सबूत जांच को और मुश्किल बना रहे हैं। इन्हीं वजहों से एनआईए ने आरोपियों से और पूछताछ के लिए उनकी कस्टडी बढ़ाने की मांग की, जिस पर पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हुई।
एनआईए ने कोर्ट को बताया कि गिरफ्तार आरोपी आपस में सामान्य भाषा की जगह कोड वर्ड में बात करते थे। इन कोड वर्ड्स का मतलब समझना और उनकी बातचीत को डिकोड करना एजेंसी लिए एक चुनौती बना हुआ है। एजेंसी के अनुसार, इन कोड वर्ड्स का आतंकी गतिविधियों से जरूर कोई संबंध है। एजेंसी का मानना है कि थोड़ी और गहन जांच और जानकारी इकट्ठा करने से पूरे आतंकी मॉड्यूल की तस्वीर साफ हो सकती है।
एजेंसी ने कोर्ट में यह भी कहा कि अब तक आरोपियों से जो पूछताछ हुई है, उसमें उनके बयान आपस में मेल नहीं खा रहे हैं। कई बातों पर अलग-अलग आरोपी अलग जवाब दे रहे हैं, जिससे जांच और उलझती जा रही है। ऐसे विरोधाभासों को साफ करने के लिए दोबारा और विस्तार से पूछताछ करनी बहुत जरूरी है। इसके अलावा एजेंसी ने यह भी बताया कि आरोपियों के पास से जो मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए गए हैं, उनमें कुछ आपत्तिजनक और संदिग्ध सामग्री मिली है। इस सामग्री का सीधा संबंध मामले से हो सकता है। उन्हें लेकर भी आरोपियों से पूछताछ करनी जरूरी है।
NIA की तरफ से दाखिल की गई याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट ने सुनवाई की। कोर्ट ने जांच एजेंसी की दलीलों को स्वीकार करते हुए आरोपियों की कस्टडी 16 जनवरी तक के लिए बढ़ा दी है। कोर्ट का मानना है कि मामले की गंभीरता और जांच की जरूरतों को देखते हुए एनआईए को अतिरिक्त समय दिया जाना जरूरी है। इस दौरान एजेंसी आरोपियों से पूछताछ करेगी जिससे धमाके की साजिश, इसके नेटवर्क और अन्य संदिग्ध पहलुओं पर ठोस जानकारी जुटाई जा सके। बता दें, इस केस में पांच आरोपियों की हिरासत को बढ़ाया गया है, जिसमें डॉ. अदील अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद, डॉ. मुजम्मिल शकील गनई, मौलवी इरफान अहमद वागे और जसीर बिलाल वानी (उर्फ दानिश) का नाम शामिल है।
दिल्ली के लाल किला के पास 10 नवंबर 2025 की शाम एक बड़ा और खौफनाक धमाका हुआ था। यह विस्फोट लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास खड़ी एक i20 कार में हुआ। धमाका इतना तेज था कि आसपास खड़े वाहन और ई-रिक्शा जल गए थे। इस हमले में लगभग 13 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल भी हुए थे। जांच में सामने आया कि इस आतंकी हमले को डॉक्टर उमर-उन-नबी ने अंजाम दिया। इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है और अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच अभी जारी है।
Published on:
15 Jan 2026 06:31 pm
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