भारत, Jun 01, 2026

Rajya Sabha Election 2026 (AI Image)
Rajya Sabha Election 2026: 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीतियां तेज कर दी हैं। इस बार 25 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान होना है और सबसे ज्यादा नजर भाजपा और कांग्रेस के प्रदर्शन पर रहेगी। भाजपा जहां उच्च सदन में अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश में जुटी है, वहीं कांग्रेस के सामने कई राज्यों में सीटें बचाने और उम्मीदवार तय करने की चुनौती खड़ी हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक भी हो चुकी है, जिसमें राज्यसभा चुनाव को लेकर चर्चा की गई। पार्टी का फोकस इस चुनाव के जरिए राज्यसभा में अपनी संख्या और मजबूत करने पर है।
भाजपा नीत एनडीए को उम्मीद है कि वह इस चुनाव के बाद राज्यसभा में अपनी संख्या 150 के पार ले जाने में सफल हो सकता है। फिलहाल राज्यसभा में भाजपा के पास 148 सदस्य हैं। पार्टी की कोशिश 25 में से 17 से 18 सीटें जीतने की है, जिससे वह उच्च सदन में दो-तिहाई बहुमत के और करीब पहुंच सके।
इस चुनाव में कई बड़े नेताओं का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू जैसे नाम शामिल हैं।
राज्यसभा चुनाव में मध्य प्रदेश पर सभी की नजरें टिकी हैं। यहां तीन सीटों पर चुनाव होना है। विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस केवल एक सीट जीतने की स्थिति में है, लेकिन क्रॉस वोटिंग का खतरा उसके लिए चिंता बढ़ा रहा है।
कांग्रेस किसी वरिष्ठ नेता को मैदान में उतारने पर विचार कर सकती है, लेकिन दिग्विजय सिंह के चुनाव लड़ने से इनकार करने के बाद पार्टी के सामने मजबूत उम्मीदवार तलाशने की चुनौती है। दूसरी ओर भाजपा यहां दो सीटें जीतने की स्थिति में दिखाई दे रही है और केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन संभावित उम्मीदवारों में शामिल बताए जा रहे हैं।
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सीट पर भी सबकी नजर रहेगी। कांग्रेस को भरोसा है कि कर्नाटक में उसका संख्या बल इतना मजबूत है कि वह तीन सीटें जीत सकती है। इनमें एक सीट खरगे के लिए सुरक्षित मानी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कर्नाटक उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है, जहां कांग्रेस अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में नजर आ रही है।
राजस्थान में भाजपा दो सीटें जीतने की उम्मीद कर रही है, जबकि कांग्रेस एक सीट पर दावा मजबूत मान रही है। भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा है।
वहीं कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा को राज्यसभा भेजने पर विचार कर रही है। ऐसे में यहां उम्मीदवारों के चयन पर सभी की नजर रहेगी।
गुजरात कांग्रेस के लिए सबसे मुश्किल राज्यों में से एक बनता दिखाई दे रहा है। यहां कांग्रेस के एकमात्र राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है।
लेकिन विधानसभा में संख्या बल को देखते हुए कांग्रेस के लिए यह सीट बचाना बेहद कठिन माना जा रहा है। गुजरात में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 46 वोटों की जरूरत होती है, जबकि कांग्रेस के पास केवल 12 विधायक हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि राज्यसभा में गुजरात से कांग्रेस का प्रतिनिधित्व खत्म हो सकता है।
झारखंड में दो राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है। इनमें से एक सीट शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई है। कांग्रेस की उम्मीद सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पर टिकी हुई है।
81 सदस्यीय विधानसभा में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 28 वोटों की जरूरत होती है। झामुमो, कांग्रेस, राजद और माले के महागठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं, जो दो सीटें जीतने के लिए पर्याप्त माने जा रहे हैं।
हालांकि सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन को लेकर अभी चर्चा जारी है। कांग्रेस को उम्मीद है कि गठबंधन उसे कम से कम एक सीट देगा।
झारखंड में एनडीए के पास भाजपा, आजसू, जदयू और लोजपा समेत कुल 24 विधायक हैं। ऐसे में एक सीट जीतने के लिए उसे अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एनडीए की रणनीति निर्दलीय विधायकों के समर्थन और संभावित क्रॉस वोटिंग पर आधारित हो सकती है। यही वजह है कि इस बार राज्यसभा चुनाव में नंबर गेम के साथ-साथ क्रॉस वोटिंग का मुद्दा भी बेहद अहम माना जा रहा है।
राज्यसभा चुनाव सिर्फ 25 सीटों का चुनाव नहीं है, बल्कि यह भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए राजनीतिक ताकत का परीक्षण भी है। भाजपा जहां उच्च सदन में अपना प्रभाव और बढ़ाना चाहती है, वहीं कांग्रेस के लिए कई राज्यों में अपनी मौजूदगी बनाए रखना चुनौती बन गया है।
18 जून को होने वाले मतदान के नतीजे यह तय करेंगे कि राज्यसभा में अगले कार्यकाल के लिए किस दल की स्थिति कितनी मजबूत होती है और किसे अपने राजनीतिक समीकरणों पर दोबारा काम करना पड़ेगा।
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Published on: 01 Jun 2026 07:08 pm




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