भारत, Jun 01, 2026

Cockroach Janata Party (AI Image)
Cockroach Janata Party: नीट, सीबीएसई, सीयूईटी और एसएससी जैसी प्रमुख परीक्षाओं को लेकर हाल के दिनों में सामने आए विवादों के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज होती जा रही है। ऑनलाइन एक्टिविस्ट ग्रुप 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी दी है कि शिक्षा मंत्री को पद से हटाने को लेकर ऑनलाइन पिटीशन पर अब तक करीब 8 लाख लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं। संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 6 जून को दिल्ली में प्रदर्शन करने का भी ऐलान किया है।
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि वह 6 जून को भारत लौटेंगे और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने दावा किया कि देशभर में लाखों छात्र परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों, पेपर लीक और तकनीकी खामियों से प्रभावित हुए हैं, लेकिन अब तक किसी की जवाबदेही तय नहीं हुई है।
दिपके ने अपने समर्थकों से 6 जून को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वहां से वे संसद मार्ग थाने जाकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगेंगे।
CJP की वेबसाइट पर चल रही ऑनलाइन पिटीशन के अनुसार, शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग का समर्थन करने वालों की संख्या 7.9 लाख से अधिक हो चुकी है। संगठन का दावा है कि सोशल मीडिया पर भी इस अभियान को करोड़ों लोगों का समर्थन मिल रहा है।
दिपके का कहना है कि NEET के 22 लाख, CBSE के 17 लाख, CUET के 16 लाख और SSC-GD के 40 लाख से अधिक छात्र अलग-अलग विवादों और अव्यवस्थाओं से प्रभावित हुए हैं। उनके अनुसार, इन घटनाओं ने छात्रों में भविष्य को लेकर चिंता और असुरक्षा बढ़ा दी है।
हाल के महीनों में कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं विवादों में रही हैं। NEET-UG 2026 परीक्षा कथित पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द करनी पड़ी और अब इसे दोबारा आयोजित किया जाएगा। वहीं CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल को लेकर भी कई छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं के गलत अपलोड होने और तकनीकी खामियों की शिकायत की।
इसके अलावा CUET परीक्षा के दौरान कई केंद्रों पर तकनीकी दिक्कतें सामने आईं, जबकि SSC-GD परीक्षा में कुछ केंद्रों पर उम्मीदवारों की संख्या क्षमता से अधिक होने के कारण परीक्षा संचालन को लेकर सवाल उठे।
इन परीक्षा विवादों को लेकर विपक्षी दल भी केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय को घेर रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी और अन्य विपक्षी नेताओं ने परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों पर चिंता जताई है।
हालांकि शिक्षा मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों का कहना है कि सभी मामलों की जांच की जा रही है और जहां भी खामियां सामने आई हैं, उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
अभिजीत दिपके का कहना है कि यदि इतनी बड़ी संख्या में छात्रों को प्रभावित करने वाली घटनाओं के बावजूद कोई जवाबदेही तय नहीं होती, तो यह शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत होगा। उनका दावा है कि यही वजह है कि बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक इस अभियान से जुड़ रहे हैं और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
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Published on: 01 Jun 2026 06:08 pm


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