भारत, Jun 04, 2026

दिल्ली अग्निकांड। ( फोटो: ANI)
Safety Outbreak : देश में अचानक बढ़े तापमान और मानवीय लापरवाही के बीच पिछले 48 घंटों में तीन बड़े राज्यों से आग लगने की बेहद दर्दनाक खबरें सामने आई हैं। दिल्ली, बिहार के मुजफ्फरपुर और हैदराबाद में हुए इन हादसों ने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल कर रख दी है। इससे प्रशासन को एक बार फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है कि आखिर हर साल मासूमों की जान जाने के बाद ही हमारी नींद क्यों खुलती है?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर आग ने काल का रूप धारण कर लिया। यहां एक रिहायशी इलाके में चल रही कॉमर्शियल यूनिट में अचानक शॉर्ट सर्किट के बाद भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण अग्निकांड में अब तक 21 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को नजदीकी सफदरजंग और आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।
दिल्ली के बाद दूसरा बड़ा हादसा बिहार के मुजफ्फरपुर में हुआ। यहाँ एक घनी आबादी वाले बाजार क्षेत्र में गैस सिलेंडर फटने के बाद कई दुकानों और घरों में आग लग गई। इस हादसे में भी कई लोगों के हताहत होने की खबर है और दर्जनों लोग बुरी तरह झुलस गए हैं। स्थानीय प्रशासन और दमकल की गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक लाखों का सामान और कई जिंदगियां राख हो चुकी थीं।
दक्षिण भारत के प्रमुख शहर हैदराबाद से भी ऐसी ही एक डराने वाली घटना सामने आई है। यहां एक बहुमंजिला कॉमर्शियल कॉम्पलैक्स में अचानक आग लग गई। संकरी गलियां होने के कारण दमकल की गाड़ियों को पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। यहाँ भी कई लोगों के फंसे होने और घायल होने की शुरुआती रिपोर्ट है।
इस सिलसिलेवार आग लगने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। आम जनता का कहना है कि जब तक अवैध निर्माणों और बिना फायर एनओसी के चल रही फैक्ट्रियों पर बुलडोजर नहीं चलेगा, तब तक ऐसे हादसे नहीं रुकेंगे। वहीं, प्रधानमंत्री और संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इन घटनाओं पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है।
गृह मंत्रालय ने इन तीनों घटनाओं का संज्ञान लेते हुए स्थानीय प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। मुजफ्फरपुर और हैदराबाद में भी फॉरेंसिक टीमें आग लगने के असली कारणों की जांच के लिए सबूत जुटा रही हैं।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन हादसों के पीछे केवल लापरवाही नहीं, बल्कि बढ़ता तापमान भी एक बड़ा कारण है। अत्यधिक गर्मी के कारण ट्रांसफार्मर और बिजली के तारों पर लोड बढ़ जाता है, जिससे शॉर्ट सर्किट की घटनाएं तेजी से बढ़ती हैं। इसके अलावा, ज्यादातर इमारतों में वेंटिलेशन न होना भी मौतों का मुख्य कारण बनता है क्योंकि आग से ज्यादा धुएं के दम घुटने से लोग मरते हैं।
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Published on: 04 Jun 2026 02:36 pm

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