4 जून 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नई दिल्ली, Jun 04, 2026

Delhi Fire: ‘आग लगने के समय बिल्डिंग की छत से निकलने का रास्ता बंद था’, जांच में बड़ी जानकारी आई सामने

Delhi Hotel Fire Investigation: मालवीय नगर होटल अग्निकांड की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। आग लगने के समय होटल का रूफ एग्जिट बंद था, जिससे लोगों के बचने का रास्ता बाधित हुआ। पुलिस ने फरार होटल मैनेजर की तलाश के लिए 10 टीमें गठित की हैं, जबकि मामले की जांच लगातार जारी है।

Delhi hotel fire investigation

दिल्ली में होटल में आग लगने मामले में हुआ बड़ा खुलासा (Photo-IANS)

Malviya Nagar Hotel Fire Delhi: दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, आग लगने के समय होटल की छत तक जाने वाला आपातकालीन निकास (रूफ एग्जिट) बंद था, जिससे अंदर फंसे लोगों के लिए बच निकलने का एक महत्वपूर्ण रास्ता बंद हो गया था।

वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जांच के लिए कुल 10 टीमें गठित की हैं। इनमें से पांच टीमें फरार होटल मैनेजर जय मिश्रा की तलाश और गिरफ्तारी में जुटी हैं, जबकि बाकी टीमें मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही हैं।

होटल मालिक के खिलाफ जारी किया था LOC 

बता दें कि होटल मालिक लवकेश शर्मा की गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने उनके और उनकी पत्नी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया था, ताकि वे देश छोड़कर फरार न हो सकें। जांच एजेंसियों को आशंका थी कि दोनों विदेश भाग सकते हैं, क्योंकि उनके बच्चे विदेश में रहते हैं। बताया जा रहा है कि होटल की इमारत के एकमात्र मालिक लवकेश शर्मा ही हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि शुरुआत में होटल केवल दो मंजिला था, लेकिन बाद में इसमें अवैध रूप से करीब ढाई मंजिल और जोड़ दी गईं।

जांच के लिए पहुंचेगी टीम

इधर, केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) की टीम गुरुवार को एक बार फिर घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। पिछली बार टीम केवल एक मंजिल की ही जांच कर पाई थी।

जांच के दौरान पुलिस ने होटल के कई कमरों से खाना बनाने वाले हीटर और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरण बरामद किए हैं। इनका इस्तेमाल लंबे समय से होटल में रह रहे विदेशी नागरिक कर रहे थे।

इस भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हुई। अधिकांश मृतक होटल की तीसरी मंजिल और बेसमेंट में मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ज्यादातर लोगों की मौत दम घुटने (सफोकेशन) के कारण हुई।

प्रत्यक्षदर्शी की तलाश कर रही पुलिस

वहीं पुलिस एक अहम प्रत्यक्षदर्शी केसर सिंह की भी तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि उनकी गवाही से आग लगने की असली वजह और घटनाक्रम को समझने में मदद मिलेगी। 

वहीं, हादसे में जान गंवाने वाले 12 विदेशी नागरिकों में से 9 की पहचान दिल्ली पुलिस ने कर ली है। घटनास्थल से मिले पासपोर्ट के आधार पर उनकी शिनाख्त की गई है। पुलिस ने सभी विदेशी नागरिकों की जानकारी विदेश मंत्रालय (MEA) को भेज दी है, ताकि उनके शवों को संबंधित देशों में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

पुलिस ने सभी विदेशी नागरिकों की डीएनए प्रोफाइलिंग भी पूरी कर ली है। यह प्रक्रिया संबंधित देशों के दूतावासों की अनुमति मिलने के बाद कराई गई। वहीं, सभी विदेशी नागरिकों के शवों का पोस्टमार्टम भी दूतावासों की मंजूरी के बाद कराया गया।

कमेंट्स

कोई कमेंट नहीं है।

पहले कमेंट करने वाले बनें।

कृपया पक्का करें कि आपका कमेंट हमारे नियमों एवं शर्तों के मुताबिक हो।
ट्रेंडिंग वीडियो

संबंधित खबरें