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जिंदगियों पर मंडरा रहा खतरा, आंध्र प्रदेश में मिलावटी दूध पीने से चार की मौत

आंध्र प्रदेश के राजमहेंद्रवी नगर में दूध में मिलावट के संदेह में चार मौतें हुईं, जिससे यूरिन न निकलने (अनुरिया) की समस्या उत्पन्न हुई। स्वास्थ्य विभाग जांच कर रहा है और दूध विक्रेता हिरासत में है।

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Milk prices in MP increased by Rs 2 to Rs 8.50

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आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के राजमहेंद्रवी नगर से पिछले दो दिनों में चार मौतों की खबरें आई हैं, जो कथित रूप से यूरिन न निकलने (अनुरिया) की वजह से हुई हैं। इस घटना में स्वास्थ्य अधिकारियों ने दूध में मिलावट के संदेह को गंभीरता से लिया है।

पिछले दो दिनों में चार मौतें

रविवार रात से अब तक दो मरीजों की मौत हो चुकी है, जिनकी पहचान एस. सेशागिरि राव (72 वर्ष) और राधा कृष्णमूर्ति (74 वर्ष) के रूप में हुई है। इसके अलावा, तीन अन्य व्यक्तियों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। इन मौतों को लेकर अधिकारियों का मानना है कि यूरिन न निकलने की समस्या (अनुरिया) के कारण ये मौतें हुई हो सकती हैं, और इसकी वजह दूध में मिलावट हो सकती है।

एक ही दूध विक्रेता पर निगाहें

स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी कि सभी मृतक राजमहेंद्रवी नगर के लाला चेरुवू और चौदेस्वरी नगर क्षेत्रों के निवासी थे। इन क्षेत्रों में दूध बेचने वाला विक्रेता एक ही है, जिससे यह संदेह उत्पन्न हुआ है कि दूध में मिलावट की जा सकती है, जो अनुरिया जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न कर सकती है।

हिरासत में दूध विक्रेता

अब तक 15 फरवरी से कम से कम 14 लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हो चुके हैं, जिनमें से चार लोग एक ही परिवार के हैं। प्रभावित परिवारों ने शिकायत की है कि 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दौरान विक्रेता द्वारा दिया गया दूध और दही का स्वाद कड़वा था, जो मिलावट के संकेत हो सकते हैं। इस पर पुलिस ने दूध विक्रेता गणेश को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

जांच में जुटा हेल्थ डिपार्टमेंट

पूर्वी गोदावरी जिले की कलेक्टर कीर्ति चेकुरी ने बताया कि मौतों के कारण का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण आयुक्त जी. वीरपंडियन ने भी कहा कि विभाग ने अनुरिया के संदिग्ध मामलों के बाद अलर्ट मोड में काम करना शुरू कर दिया है। विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों से दूध, पानी और अन्य सामग्री के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं और इन्हें परीक्षण के लिए लैब भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने स्थिति की समीक्षा की

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक में स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से बात की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज करा रहे पीड़ितों को बेहतर चिकित्सा सहायता प्रदान की जाए। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सूचित किया कि एक ही विक्रेता प्रभावित क्षेत्रों के 106 घरों में दूध वितरित कर रहा था। अब तक 75 परिवारों से नमूने एकत्र किए जा चुके हैं और अन्य परिवारों से भी नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। इन नमूनों का परीक्षण जल्द ही लैब में किया जाएगा।