
अनुराग ढांडा (फोटो- विक्रम सिंह)
हरियाणा में बिजली वितरण निगमों के बढ़ते घाटे को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने राज्य की बीजेपी सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया है। पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने दावा किया है कि आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक हरियाणा के बिजली निगम भारी कर्ज और घाटे में डूबे हैं।
अनुराग ढांडा ने कहा कि हरियाणा के बिजली वितरण निगमों पर 27915 करोड़ रुपये का संचित घाटा है, जबकि कुल उधारी 20311 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। उनके अनुसार यह स्थिति दर्शाती है कि पिछले दस वर्षों में सरकार न तो वित्तीय सुधार लागू कर पाई और न ही उपभोक्ताओं को राहत दे सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि घाटा कम करने के बजाय उधारी बढ़ती गई और इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ा। राज्य में महंगे टैरिफ, भारी फिक्स्ड चार्ज और बढ़ते बिजली बिलों से परिवार परेशान हैं, लेकिन सरकार ठोस समाधान पेश नहीं कर पाई है।
AAP नेता ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार से सवाल किया कि 27915 करोड़ रुपये के संचित घाटे की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने कहा कि यह बोझ आने वाली पीढ़ियों पर डाला जा रहा है। अनुराग ढांडा ने मांग की कि हरियाणा सरकार बिजली निगमों की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करे और स्पष्ट करे कि घाटे और उधारी के पीछे किन नीतिगत फैसलों की भूमिका रही। उनके अनुसार पारदर्शिता के बिना बिजली क्षेत्र में सुधार संभव नहीं है।
हरियाणा की स्थिति की तुलना करते हुए अनुराग ढांडा ने पंजाब का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2024-25 में 2600 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया है। साथ ही राष्ट्रीय रैंकिंग में कंपनी ने A+ ग्रेड के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने बताया कि रोशन पंजाब मिशन के तहत 300 यूनिट तक फ्री बिजली दी जा रही है, जिससे 90 प्रतिशत से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को शून्य बिल का लाभ मिला है। उनके अनुसार यह साबित करता है कि पारदर्शी प्रशासन और सही नीति से बिजली क्षेत्र को लाभ में लाया जा सकता है।
Published on:
13 Feb 2026 12:39 pm
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