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मऊ, May 04, 2026

Mau News: जानिए कौन हैं मऊ के नए डीएम आनंद वर्धन, UPSC की परीक्षा में देश में पाई थी 7वीं रैंक

बिहार के सिवान जिले के निवासी आनंद वर्धन ने प्रारंभिक शिक्षा अपने गृह जनपद में ही पूरी की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली गए, जहां उन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी शुरू की, लेकिन इसी दौरान उनके मन में सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य बना। परिवार के सहयोग और अपने दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने तैयारी शुरू की।

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मऊ

May 04, 2026

मऊ के नवनियुक्त जिलाधिकारी

मऊ जिलाधिकारी

Mau DM: मऊ जनपद को एक ऊर्जावान, कर्मठ और मेधावी प्रशासनिक नेतृत्व मिल गया है। वर्ष 2017 बैच के आईएएस अधिकारी ने जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। उनकी नियुक्ति से जिले में प्रशासनिक कार्यों को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे पहले वे गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) के उपाध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारियां सफलतापूर्वक निभा चुके हैं, जहां उन्होंने शहरी विकास से जुड़े कई अहम कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया।

इंजीनियर हैं मऊ के नए जिलाधिकारी

आनंद वर्धन की शैक्षणिक पृष्ठभूमि बेहद मजबूत रही है। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2016 में ऑल इंडिया रैंक 7 हासिल कर शानदार सफलता प्राप्त की। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बनी।

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बिहार के सिवान जिले के निवासी आनंद वर्धन ने प्रारंभिक शिक्षा अपने गृह जनपद में ही पूरी की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली गए, जहां उन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी शुरू की, लेकिन इसी दौरान उनके मन में सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य बना। परिवार के सहयोग और अपने दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने तैयारी शुरू की। आनंद वर्धन का हमेशा से UPSC क्लियर कर के देश की सेवा करने का मन था।

जानिए IAS आनंद वर्धन के संघर्ष की कहानी

उनकी सफलता की कहानी संघर्ष से भरी रही है। शुरुआती तीन प्रयासों में वे प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी गलतियों का विश्लेषण कर उन्होंने रणनीति बदली और चौथे प्रयास में शानदार सफलता हासिल करते हुए देश में 7वीं रैंक प्राप्त की। यह उनके धैर्य, मेहनत और आत्मविश्वास का परिणाम था।

मऊ में उनकी तैनाती से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और विकास की गति बढ़ने की उम्मीद है। उनकी प्रेरणादायक यात्रा युवाओं को यह संदेश देती है कि निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

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