
UP Cabinet: मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026: हर गांव तक बस सेवा पहुंचाने की तैयारी, निजी बसों को मिलेगा मौका (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
Parivahan Yojana 2026: उत्तर प्रदेश में ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक नई पहल की दिशा में कदम बढ़ाया है। “मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026” के तहत प्रदेश के हजारों गांवों को बस सेवा से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जिला मुख्यालय और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों तक सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
राज्य में वर्तमान समय में लगभग 59,163 ग्राम सभाएं हैं। सरकार की योजना है कि इस योजना के माध्यम से हर गांव तक बस सेवा की पहुंच सुनिश्चित की जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की समस्या काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत बसों का संचालन इस तरह से किया जाएगा कि वे रात के समय गांव में रुकेंगी और सुबह निर्धारित समय पर जिला मुख्यालय के लिए रवाना होंगी। योजना के अनुसार बसें रात में गांव में ही ठहरेंगी और सुबह करीब 10 बजे तक जिला मुख्यालय पहुंचेंगी। इससे गांवों के लोगों को सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, बाजारों और अन्य जरूरी कार्यों के लिए शहर आने-जाने में सुविधा होगी।ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अब निजी वाहनों या महंगे साधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
इस योजना के संचालन और निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में एक समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति की अध्यक्षता जिलाधिकारी (डीएम) करेंगे। समिति में आरटीओ (क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी) और परिवहन विभाग के अन्य अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होंगे। यह समिति बसों के संचालन, रूट निर्धारण, किराया तय करने और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं की निगरानी करेगी।
मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें निजी वाहनों को भी शामिल किया जाएगा। सरकार बसों को सीधे खरीदने के बजाय निजी बस मालिकों के साथ अनुबंध करेगी। इसके तहत निजी बस मालिक अपने वाहनों को इस योजना के अंतर्गत चलाने के लिए पंजीकृत करवा सकेंगे। इससे सरकार पर आर्थिक बोझ कम होगा और निजी क्षेत्र की भागीदारी भी बढ़ेगी।
योजना के तहत अनुबंधित बस मालिक अपने स्तर पर ड्राइवर और कंडक्टर नियुक्त कर सकेंगे। सरकार की प्राथमिकता होगी कि इन पदों पर स्थानीय लोगों को ही रोजगार दिया जाए। इससे दो बड़े फायदे होंगे-
इस योजना को सफल बनाने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। परिवहन विभाग द्वारा इस योजना के तहत चलने वाली बसों से कोई टैक्स नहीं लिया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य बस मालिकों को योजना में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि अधिक से अधिक निजी बसें इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में चल सकें।
बसों का किराया सरकारी नियमों और जिला समिति द्वारा तय किए गए मानकों के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। सरकार का प्रयास रहेगा कि किराया इतना हो कि ग्रामीण यात्रियों के लिए वह किफायती भी रहे और बस मालिकों के लिए आर्थिक रूप से व्यवहार्य भी हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलेगी। ग्रामीण इलाकों में अक्सर परिवहन सुविधा की कमी के कारण लोग शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े अवसरों से वंचित रह जाते हैं। यदि हर गांव तक नियमित बस सेवा पहुंचती है तो यह स्थिति काफी हद तक बदल सकती है।
परिवहन विभाग ने राज्य में संचालित होने वाली एग्रीगेटर कंपनियों जैसे ओला और उबर के लिए भी नए नियम लागू करने की तैयारी की है। अब इन कंपनियों को प्रदेश में संचालन के लिए पंजीयन विभाग में अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी टैक्सी सेवा संचालित नहीं हो सकेगी।
एग्रीगेटर कंपनियों को संचालन के लिए सरकार से लाइसेंस लेना होगा। इसके लिए उन्हें 5 लाख रुपये का शुल्क जमा करना होगा। लाइसेंस मिलने के बाद ही कंपनी अपने प्लेटफॉर्म के माध्यम से टैक्सी सेवाएं संचालित कर सकेगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना फिटनेस प्रमाणपत्र, मेडिकल जांच और पुलिस सत्यापन के कोई भी वाहन या चालक टैक्सी सेवा में शामिल नहीं हो सकेगा। इन नियमों का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
हालांकि सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि एग्रीगेटर से जुड़े ये नियम तीन पहिया ऑटो और टू-व्हीलर टैक्सी सेवाओं पर लागू नहीं होंगे। यह व्यवस्था मुख्य रूप से चार पहिया टैक्सी सेवाओं के लिए बनाई गई है।
राज्य सरकार का मानना है कि इन नई व्यवस्थाओं से प्रदेश की परिवहन प्रणाली अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनेगी। एक ओर मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना से गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, वहीं दूसरी ओर एग्रीगेटर कंपनियों के लिए बनाए गए नियमों से शहरी क्षेत्रों में टैक्सी सेवाओं का संचालन अधिक पारदर्शी और सुरक्षित हो सकेगा।
Updated on:
10 Mar 2026 02:56 pm
Published on:
10 Mar 2026 02:21 pm
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