
संस्था शिरोमणि तेरापंथी महासभा के दायित्व स्वीकरण उत्सव का आयोजन
कोलकाता. जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ की ‘संस्था शिरोमणि’ जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा के सत्र 2026-28 के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का ‘दायित्व स्वीकरण उत्सव’ समारोह रविवार को महासभा प्रधान कार्यालय में भव्य रूप में समायोजित हुआ। रविवार को जैन संस्कार विधि से पूजन-अर्चन करने के उपरान्त महासभा कार्यालय में शुभ मुहूर्त में महासभा कार्यालय में प्रवेश कर दायित्व स्वीकार किया। निवर्तमान अध्यक्ष मनसुखलाल सेठिया ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष महेन्द्र कुमार नाहटा को दायित्व हस्तांतरित किया। दायित्व स्वीकरण उत्सव के दौरान महासभा के पांच पूर्व अध्यक्ष व पांच पूर्व प्रधान न्यासी उपस्थित थे। इस दौरान महासभा के वर्तमान अध्यक्ष महेन्द्रकुमार नाहटा, मुख्य न्यासी सुरेशचन्द गोयल, निवर्तमान अध्यक्ष मनसुखलाल सेठिया, महामंत्री विनोद बैद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हितेन्द्र मेहता, उपाध्यक्ष मांगीलाल बोथरा, फूलचंद छत्रावत, प्रकाशचंद लोढ़ा, विजयकुमार चौपड़ा, सहमंत्री पुलकित बैद, संगठन मंत्री निर्मल गोखरू, न्यासी नरेन्द्रकुमार पोरवाल, शुभकरण बोथरा, बाबूलाल बोथरा, नगराज बरमेचा, कमलकिशोर ललवाणी, कोषाध्यक्ष मदन मरोठी, सह कोषाध्यक्ष रोहित सुराणा आदि अनेक पदाधिकारियों की उपस्थिति थी। महासभा भवन के प्रज्ञा समवसरण में ‘संस्था शिरोमणि’ जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सम्मान में शुभकामना समारोह का भी आयोजन हुआ।
नमस्कार महामंत्रोच्चार के साथ हुआ शुभारम्भ
कार्यक्रम का शुभारम्भ नमस्कार महामंत्रोच्चार के साथ हुआ। सभा गीत का संगान व श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन हुआ। शुभकामना समारोह में विकास परिषद सदस्य बनेचंद मालू ने कहा कि हर्ष की बात है कि महासभा शीर्ष संस्था है। आचार्यश्री ने कोलकाता चतुर्मास से पूर्व महासभा भवन को पावन करते हुए महासभा को संस्था शिरोमणि के रूप में उद्भाषित किया था। महासभा की गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे और संस्था की उज्जवलता में चार चांद लगाएंगे।
जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष महेन्द्र कुमार नाहटा ने कहा कि आचार्यप्रवर की असीम अनुकंपा व तेरापंथ धर्मसंघ के विश्वास से संघ व समाज की सेवा जो महनीय दायित्व प्राप्त हुआ है, यह मेरे लिए परम सौभाग्य की बात है। मैं पूरी निष्ठा व जागरूकता पूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करने का प्रयास करूंगा। इस दौरान उन्होंने आगामी वर्षों में करणीय कार्यों की रूपरेखा करते हुए महासभा के विभिन्न गतिविधियों को गति प्रदान करने हेतु लक्ष्य का निर्धारण भी किया। उन्होंने कहा कि सभी गतिविधियां व विकास के कार्य संघ समाज के सहयोग से ही पूर्णता को प्राप्त हो सकेंगे। प्रधान न्यासी सुरेशचन्द गोयल ने कहा कि महासभा तेरापंथ समाज की अति महत्त्वपूर्ण संस्था है। इसके निर्वाचित सदस्यों पर समाज की एक विशेष जिम्मेदारी है। गुरुदेव के आशीर्वाद से प्राप्त यह दायित्व हम सभी अपनी पूर्ण निष्ठा के साथ व गुरुआज्ञा के अनुसार अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन कर समाज को नई दिशा प्रदान करने का प्रयास करेंगे। हमारा यह परम कर्त्तव्य है कि इस शीर्षस्थ संस्था के प्रत्येक कार्य में तन-मन-धन से अपना योगदान देकर इसे आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाएं। उन्होंने उपस्थित सदस्यों से आह्वान किया कि महासभा की प्रत्येक गतिविधियों के सुदृढ़ संचालन हेतु महासभा की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाएं।
संघहित की भावना को सर्वोपरि बनाए रखें
निवर्तमान अध्यक्ष मनसुखलाल सेठिया ने कहा कि हम सभी पद पर हों अथवा न हों एक श्रावक के रूप में गुरुआज्ञा, गुरु इंगित व संघहित की भावना को हमेशा सर्वोपरि बनाए रखने का प्रयास करें। समाज को जब जैसे हमारी आवश्यकता हो हम पूर्ण निष्ठा के साथ अपनी सेवा देने के लिए तत्पर रहें। पूर्व अध्यक्ष कमल कुमार दूगड़ ने कहा कि महासभा को पूर्व अध्यक्षों ने भी अपने प्रयासों से सिंचित किया है। प्रसन्नता है कि महासभा के अध्यक्ष महेन्द्र कुमार नाहटा के रूप में ऐसे अध्यक्ष को दायित्व मिला है, जो एक विचार हैं। नवमनोनीत महामंत्री विनोद बैद ने कहा कि इस दायित्व को पूर्ण सजगता के साथ निभाने का प्रयास करेंगे तथा नवनिर्वाचित अध्यक्ष महोदय व प्रधान न्यासी महोदय के नेतृत्व में गतिविधियों के माध्यम से समाजोत्थान का प्रयास करेंगे। उन्होंने समारोह का संचालन भी किया। इस दौरान तेरापंथी सभा-कोलकता सहित अन्य सभाओं के पदाधिकारियों द्वारा महासभा के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया गया। महासभा के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र चोरड़िया, चैनरूप चिण्डालिया, पूर्व न्यासी भंवरलाल बैद, अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मण्डल की न्यासी मधु दुगड़, पूर्व अध्यक्ष सूरज बरड़िया, तारा सुराणा व वरिष्ठ श्राविका चंपाबाई कोठारी आदि विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों की भी उपस्थिति रही। साथ ही कोलकाता महानगर की अनेक सभाओं के पदाधिकारीगण, अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद, अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मण्डल, तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम, अणुव्रत समिति आदि के पदाधिकारियों के साथ स्थानीय ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों, प्रशिक्षक व प्रशिक्षिकाओं की उपस्थिति भी रही।
Updated on:
09 Feb 2026 01:39 pm
Published on:
09 Feb 2026 01:38 pm
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