
लक्ष्मी भंडार योजना में 500 रुपए की अतिरिक्त सहायता की घोषणा
कोलकाता. आगामी विधानसभा चुनावों से पहले गुरुवार को पश्चिम बंगाल सरकार ने 4 लाख 6 हजार करोड़ रुपए का अंतरिम बजट पेश किया जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 14% अधिक है। अंतरिम बजट में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महिलाओं के लिए लक्ष्मी भंडार योजना के लाभ बढ़ाने का कदम उठाया है। इसमें 100 दिनों के कार्य के लिए 2000 करोड़ रुपए आवंटित करने के साथ ही सातवें वेतन आयोग की भी घोषणा की गई। विधानसभा में वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने 2026–27 के अंतरिम बजट में महिलाओं को दी जाने वाली मासिक सहायता राशि में 500 रुपए की वृद्धि की घोषणा की। संशोधित प्रावधानों के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को अब प्रति माह 1,500 रुपए मिलेंगे, जो पहले 1,000 रुपए थे। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए राशि 1,200 रुपये से बढ़ाकर 1,700 रुपये कर दी गई है। नई दरें फरवरी से लागू होंगी और इससे राज्यभर की लगभग 2.21 करोड़ महिलाओं को लाभ मिलेगा। सरकार ने इस अतिरिक्त व्यय के लिए बजट में 15,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि हाल ही में योजना में शामिल हुए 20 लाख से अधिक नए आवेदकों को भी संशोधित दरों का लाभ मिलेगा। महिला कल्याण से आगे बढ़ते हुए बजट में राज्य कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में 4 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मासिक मानदेय में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी के साथ ही पैरा टीचर, शिक्षाबंधु, सिविक वॉलेंटियर का भत्ता 1000 रुपए बढ़ाया गया है। आशाकर्मियों को 180 दिन की मातृत्व छुट्टी, कर्मरत अवस्था में मृत्यु पर परिवार को पांच लाख की मदद का भी एलान किया गया है। इसके अतिरिक्त, अब गिग कर्मी, डेलिवरी ब्वाय, कैब ड्राईवर भी स्वास्थ्य साथी का लाभ ले सकेंगे। अंतरिम बजट में बारूईपुर में कल्चरल सिटी बनाने का भी एलान किया गया है।
बेरोजगार युवाओं के लिए ‘बंगला युवा साथी’ योजना
अंतिम अंतरिम बजट में ‘बंगला युवा साथी’ नामक नई भत्ता योजना की घोषणा की। इस योजना के तहत माध्यमिक स्तर के बेरोजगार युवाओं को प्रति माह 1,500 रुपए की सहायता दी जाएगी। यह सुविधा 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के बेरोजगार युवाओं को मिलेगी। भत्ता 15 अगस्त से लागू होगा और अधिकतम पाँच वर्षों तक इसका लाभ लिया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इस योजना से युवाओं को आर्थिक सहयोग मिलेगा और उन्हें अपने भविष्य की दिशा तय करने में सहायता होगी।
अध्यक्ष ने नहीं दी एसआइआर पर चर्चा की अनुमति
विधानसभा में संसदीय कार्य मंत्री शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने नियम 169 के तहत एसआइआर के खिलाफ एक प्रस्ताव पढ़कर सुनाया। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने इस मुद्दे पर सदन में किसी भी तरह की चर्चा की अनुमति देने से इनकार कर दिया। उन्होंने प्रस्ताव को खारिज करते हुए दोहराया कि चूंकि यह मामला शीर्ष अदालत में लंबित है, इसलिए विधानसभा इस पर विचार नहीं कर सकती। इस बीच विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सरकार पर बिजनेस एडवाइजरी कमिटी (बीएसी) के फैसले को अंतिम समय में बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सुबह बीएसी का जो निर्णय बताया गया था, उसे बाद में बदल दिया गया। शुभेंदु ने कहा कि हमें बताया गया था कि एसआइआर पर चर्चा होगी और हम उसी तैयारी के साथ आए थे। अब अचानक इसे बदल दिया गया। स्पीकर को सदन के सामने कार्यसूची रखनी चाहिए।
Published on:
06 Feb 2026 01:59 pm
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