
बीरभूम और आसनसोल को मिले दो नए ओवरब्रिज
आसनसोल-बोकारो मेमू 'लाइफलाइन' को हरी झंडी दिखाई
कोलकाता. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सिउड़ी रोड ओवर ब्रिज का उद्घाटन किया और कुमारपुर रोड ओवर ब्रिज को राष्ट्र को समर्पित किया। रोड ओवर ब्रिज के उद्घाटन/समर्पण और आसनसोल और बोकारो के बीच ट्रेन सेवा शुरू होने के अवसर पर, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे। वहीं सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो आसनसोल स्टेशन पर, कुमारपुर में विधायक अजय कुमार पोद्दार और विधायक अग्निमित्रा पॉल मौजूद थीं। पूर्व रेलवे के जनरल महाप्रबंधक ने मिलिंद देउस्कर ने सिउरी में कार्यक्रम स्थल पर मेहमानों का स्वागत किया। सिउड़ी आरओबी बीरभूम की 42 करोड़ रुपये की नई जीवनरेखा है। दशकों से '22बी/टी' लेवल क्रॉसिंग क्षेत्र के लिए परेशानी का पर्याय बनी हुई थी। इस कदम से सिउड़ी जिला अस्पताल से बोलपुर या कोलकाता रेफर किए जाने वाले मरीजों तथा विश्वभारती विश्वविद्यालय जाने वाले छात्रों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही शांतिनिकेतन के सोनाझुरी हाट और कंकालीतला मंदिर जाना सिउड़ी के निवासियों के लिए बेहद आसान हो गया है। सिउड़ी के प्रसिद्ध सामान अब शांतिनिकेतन के पर्यटक बाजारों तक तेजी से पहुँच सकेंगे, जिससे छोटे व्यवसायों और विक्रेताओं को सीधा लाभ होगा। बेहतर कनेक्टिविटी के चलते सिउड़ी-बोलपुर कॉरिडोर में रियल एस्टेट की कीमतों में भारी वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। वहीं पश्चिम बर्द्धमान के कुमारपुर आरओबी ने ग्रैंड ट्रंक रोड के औद्योगिक प्रवाह को नई दिशा दी है। कोयले और स्टील से लदे भारी वाहन अब जाम में फंसे बिना पश्चिम बंगाल और झारखंड सीमा के बीच सुगम आवाजाही कर सकेंगे। इससे ईंधन की बचत होने के साथ ही, खतरनाक रेलवे इंटरसेक्शन पर होने वाली दुर्घटनाओं का जोखिम भी समाप्त हो गया। बाराचक जैसे उपनगरीय क्षेत्र अब आसनसोल सिटी सेंटर से सीधे जुड़ गए हैं, जिससे दिहाड़ी मजदूरों, ऑफिस जाने वालों और छात्रों के समय की बचत होगी।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूर्वी भारत के औद्योगिक परिदृश्य में बहुप्रतीक्षित आसनसोल-बोकारो स्टील सिटी मेमू सेवा का आधिकारिक उद्घाटन भी किया। उन्होंने इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 'मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट' सेवा की शुरुआत उन हजारों श्रमिकों, छात्रों और छोटे व्यापारियों के लिए दशकों के संघर्ष का अंत है, जो अब तक महंगे बस किराए और विलंबित एक्सप्रेस ट्रेनों पर निर्भर थे। यह नई सेवा पश्चिम बर्द्धमान, पुरुलिया और बोकारो के बीच एक हाई-स्पीड और किफायती स्टील कॉरिडोर का निर्माण करती है। इससे दोनों शहरों में स्थित सेल इकाइयों के तकनीकी कर्मचारी और श्रमिक अब सीधे और विश्वसनीय संपर्क के माध्यम से दैनिक आवागमन कर सकेंगे। लंबी दूरी की ट्रेनों के विपरीत, यह मेमू छोटे स्टेशनों और हॉल्ट्स पर भी रुकेगी। इससे पुरुलिया और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़े शहरी बाजारों तक सस्ती पहुँच मिलेगी। सैकड़ों छात्र अब राज्य की सीमाओं के पार कोचिंग सेंटरों और कॉलेजों तक रोजाना सफर कर सकेंगे, जिससे उन्हें महंगे हॉस्टल या किराए के कमरों की जरूरत नहीं होगी।
Published on:
09 Feb 2026 01:13 pm
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