कानपुर, May 16, 2020

औरैया हादसे को लेकर प्रसपा का बड़ा आरोप, इनके चलते 24 श्रमिकों को गवानी पड़ी जान
कानपुर। औरैया कोतवाली क्षेत्र स्थित शनिवार को सड़क हादसे में 24 श्रमिकों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत गर्म है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए हमला बोला है। इसी बीच प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के नगर अध्यक्ष व शिवपाल फैन्स एसोसिएशन के यूपी हेड आशीष चौबे ने श्रमिकों की मौत के पीछे पुलिस-प्रशासन के अफसरों को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई के साथ ही हर एक मृतक के परिजन को 20 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है।
शिवपाल यादव ने जताया दुख
नगर अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव ने 24 श्रमिकों की मौत पर दुख प्रकट करते हुए जालौन, औरैया और कानपुर देहात के जिलाध्यक्ष व कार्यकर्ताओं को घटनास्थल पर रवाना कर दिया है। साथ ही प्रसपा कार्यकर्ता श्रमिकों के लिए हरसंभव मदद भी कर रहे हैं। प्रसपा नेता ने योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 25 मार्च से यूपी की सड़क, हाईवे पर श्रमिक लगातार पैदल यात्रा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरदिन कहते हैं कि श्रमिकों के लिए ट्रेन व बसों की व्यवस्था कराई गई है। यदि जमीन पर बस व ट्रेन ठीक तरीके से चल रही होती तो शायद आज हमारे 24 श्रमिक भाई जिंदा होते।
कंटेनर से कैसे पहुंचे औरैया
प्रसपा नेता ने कहा कि देश व प्रदेश में लाॅकडाउन चल रहा है। लोग अपने-अपने घरों के अंदर हैं। सड़क, हाईवे और गली, मोहल्लों पर पुलिसबल तैनात हैं। पर फरीदाबाद से एक चूने के कंटेनर के जरिए 81 मजदूर औरैया कैसे पहुंचे। इसका जवाब कौन देगा। प्रसपा नेता का आरोप है कि हाईवे पर वाहनों की तलाशी के लिए तैनात पुलिस और अधिकारी पैसे लेकर वाहनों को आने-जाने दे रहे हैं। 24 श्रमिकों की मौत के सीधे जिम्मेदार पुलिस और प्रशासनिक अफसर हैं। प्रसपा नेता ने कहा कि चंद पुलिसकर्मियों को निलंबित कर देने भर से श्रमिकों को न्याय नहीं मिलेगा। इसकी उच्चस्तरीय जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों पर सरकार कार्रवाई करे।
20 लाख रूपए दे सरकार
प्रसपा नेता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हर एक मृतक श्रमिक के परिजनों को 20-20 लाख रूपए की आर्थिक मदद दिए जाने की मांग की है। प्रसपा नेता ने कहा कि 25 मार्च से लेकर 17 मई के बीच सैकड़ों मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ी हैं। ऐसे में जुमलेबाजी कर रही सरकार को जगने के साथ ही श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाना होगा। 17 मई के बाद लाॅकडाउन खुलने के बाद पार्टी के कार्यकर्ता सड़क, हाईवे में रहेंगे और पैदल यात्रा करने वाले श्रमिक को अपने वाहनों के जरिए उनके गांव तक छोड़कर आएंगे।
Published on: 16 May 2020 04:27 pm

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