
लैम्बॉर्गिनी हादसे में पुलिस की ‘सुपरफास्ट’ कार्रवाई पर सवाल
Kanpur Lamborghini Accident: कानपुर के वीआईपी रोड पर हुए लैम्बॉर्गिनी हादसे में पुलिस की जांच पर सवाल उठ रहे हैं। आरोपी शिवम मिश्रा की गिरफ्तारी से लेकर कोर्ट में पेशी तक की प्रक्रिया मात्र 70 मिनट में पूरी कर दी गई। कुछ घंटों में जमानत मिलने से ‘रसूख’ को लेकर चर्चा तेज है। हादसे में कई लोग घायल हुए थे, जांच जारी है।आरोपी शिवम मिश्रा की गिरफ्तारी से लेकर कोर्ट में पेशी तक की प्रक्रिया मात्र 70 मिनट में पूरी कर दी गई। कुछ घंटों में जमानत मिलने से ‘रसूख’ को लेकर चर्चा तेज है। हादसे में कई लोग घायल हुए थे, जांच जारी है। दावा किया जा रहा है कि एक न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान जांच अधिकारी ने कहा है कि अब शिवम मिश्रा से पुलिस कोई पुछताछ नहीं करेगी।
अब इस केस को लेकर कई सारे सावल खड़े हो रहे हैं। साथ ही पुलिस के जांच पर भी संदेह हो रहा है कि आखिर कैसे मात्र 70 मिनट के अंदर ही पुलिस ने सारी पुछताछ कर ली। बता दें कि आरोपी शिवम मिश्रा शहर के बड़े तंबाकू कारोबारी के.के. मिश्रा का बेटा है।
वहीं पत्रिका से बातचीच के दौरान बात एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि तो पीड़ित व आरोपी पक्ष के बीच पहले ही समझौता हो चुका है। समझौता न्यायालय में प्रस्तुत भी किया जा चुका है। ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार से अब कोई पूछताछ किया जाना न्याय उचित है ही नहीं। हालांकि, वहीं पुलिस सूत्रों की माने तो पुलिस जल्द से जल्द आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी कर रही है। जब पुलिस और विवेचक यह भी जानते है की आरोप दाखिल होने के बाद भी मुकदमा खत्म हो जाएगा, क्योंकि न्यायालय में दोनों पक्षों का आपसी समझौतानाम भी पड़ा हुआ है। जिसकी सुनवाई की तारीख मार्च में मुकर्रर की गई है।
कानपुर में लैम्बोर्गिनी से 3 लोगों को रौंदने वाले शिवम मिश्रा को 7 घंटे में ही जमानत मिल गई थी। पुलिस ने कोर्ट से 14 दिन की न्यायिक हिरासत की मांग की थी। लेकिन, कोर्ट ने कहा कि आप किस आधार पर न्यायिक हिरासत की मांग कर रहे हैं। जब पीड़ित ने पहले ही समझौता कर लिया। इस पर इन्वेस्टिगेशन अफसर कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। इसके चलते कोर्ट ने रिमांड की अर्जी खारिज कर दी।
कोर्ट ने सवाल किया पुलिस को शिवम मिश्रा को गिरफ्तार करने जरूरत ही नहीं थी। इस पर पुलिस ने जवाब दिया कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा था। शिवम ने कोर्ट में कहा कि वह पुलिस जांच में सहयोग करेगा। किसी को भी धमकाएगा नहीं। साक्ष्य को प्रभावित नहीं करेगा। 20 हजार रुपए का बेल बॉन्ड भरने के बाद पुलिस उसे छोड़ देगी।
Updated on:
15 Feb 2026 01:39 pm
Published on:
15 Feb 2026 12:48 pm
बड़ी खबरें
View Allकानपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
