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जांजगीर चंपा, May 22, 2026

BJP नेता अमर सुल्तानिया के खिलाफ दर्ज केस मात्र 24 घंटे में हुआ खारिज, जांजगीर पुलिस पर उठे सवाल

Amar Sultania Case: जांजगीर-चांपा जिले में भाजपा नेता व उद्योगपति अमर सुल्तानिया के खिलाफ दर्ज मारपीट और धमकी के मामले में पुलिस की कार्रवाई अब सवालों के घेरे में आ गई है।

Amar Sultania Assault Case

सुल्तानिया केस में पुलिस की तेजी पर सवाल (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

Amar Sultania Assault Case: जांजगीर-चांपा जिले में भाजपा नेता व उद्योगपति अमर सुल्तानिया के खिलाफ मामला आने पर पुलिस ने इतना तत्परता दिखाई की 24 घंटे में ही जांच पूरी कर ली गई। साथ जांच में शिकायत झूठी निकली और शिकायकर्ता के खिलाफ ही झूठी केस पर मामला दर्ज करने की तैयारी कर ली। वाह रहे पुलिस… अन्य मामलों में इतना तत्परता दिखाई होती तो शायद आज कोई मामला जिले में लंबित नहीं होते।

कोतवाली थाना अंतर्गत नैला चौकी के गांव मुड़पार के रामसागर बांधा तालाब से अवैध मिट्टी उत्खनन रोकने गए पंचों से मारपीट और जान से मारने की भाजपा नेता व उद्योगपति अमर द्वारा धमकी देने मामले में नया मोड़ आ गया है। मुड़पार के वार्ड नंबर 8 पंच प्रहलाद गिरी गोस्वामी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 18 मई की रात 10 बजे अमर सुल्तानिया जेसीबी मशीन से तालाब में मिट्टी उत्खनन करा रहा था। विरोध किया तो अमर सुल्तानिया ने उनके साथ हाथ और लात से मारपीट की। उसके अन्य गार्डों ने भी पंचों के साथ गाली-गलौच की, धक्का-मुक्की की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी।

झूठी शिकायत कर फंसाने की धमकी

झूठी शिकायत कर फंसाने की धमकी भी दी गई। जिस पर नैली चौकी में भाजपा नेता अमर सुल्तानिया व उसके अन्य गार्ड के खिलाफ धारा 296, 351(3), 115(2), 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। इसमें भाजपा नेता का नाम आते ही पुलिस अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। साथ ही जांच में पहली बार भारी चुस्ती दिखाई गई और 24 घंटे के बाद ही पुलिस द्वारा जांच कर ली गई और जांच में शिकायत झूठी भी मिल गई। इसलिए केस को खारिज कर दिया। साथ ही शिकायकर्ता के खिलाफ उन्हीं धाराओं में केस दर्ज करने की बात कही जा रही है।

एक ओर पुलिस द्वारा ही एफआईआर दर्ज की जाती है दूसरे दिन ही जांच भी होती है और केस खारिज हो जाता है। शायद यह जिले का पहला ऐसा मामला होगा, जिसमें पुलिस ने इतना चुस्ती दिखाई होगी। अगर हर केस में इस तरह की जल्दीबाजी से मामले सुलझा लेती पुलिस तो आज शायद एक भी मामला लंबित नहीं रहते। जबकि जिले में ऐसे कई मामले लंबित है, साथ कई बड़े मामलों का 3 से 4 सालों में भी खुलासा नहीं कर सकी है।

24 घंटे में बिना कोर्ट पेश किए बगैर नहीं हो सकता FIR खारिज

इस संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ताओं व कोर्ट के जानकारी से जानकारी ली गई तो उनका कहना है कि 24 घंटे में जांच करना संभव ही नहीं है। पूर्व विवेचना के बयान लिए खात्मा नहीं हो सकता है। साथ ही कोर्ट में पेश करना व वहां से ही केस खारिज हो सकता है। न्यायालय के संज्ञान बिना एफआईआर खारिज नहीं हो सकता है। 294, 323 मामले में भी न्यायालय को सूचना देना अनिवार्य होता है और कोर्ट से ही मामला खारिज होता है।

ये मामले अब तक अनसुलझे

14 जनवरी 2025 को हथियार से लैश नकाबपोश युवकों ने खोखरा शराब भट्टी के कैश कलेक्शन वाहन में तैनात कर्मचारियों को गोली मारकर 78 लाख रुपए की लूट की थी। लूट को अंजाम देने के बाद आरोपी भाग निकले। इसका आज तक खुलासा पुलिस नहीं कर सकी है।

23-24 अप्रैल की रात बिर्रा थाना के गांव करही में नकाशपोश बदमाशों ने घर में घुसकर दो भाईयों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस घटना में 19 वर्षीय आयुष साहू की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उनका छोटा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया था। माह भर गुजरने के बाद भी पुलिस इनका खुलासा नहीं कर पाई।

नवंबर माह 2025 में खरौद के मनोज सोनी के सराफा दुकान में दो युवक अचानक दुकान में पहुंचे और सोने की चैन से भरा डब्बा छीनकर फरार हो गए। लूट की गई सोने की कीमत 30-35 लाख रुपए बताई जा रही है। घटना सीसी टीवी में कैद हो गई, फिर भी आज तक आरोपी को पकड़ नहीं पाई है।

जय प्रकाश गुप्ता, थाना प्रभारी जांजगीर के मुतबाबिक, नैला चौकी में एएसआई द्वारा उच्चाधिकारियों को अवगत कराए बिना ही एफआईआर दर्ज कर ली गई थी। जांच में आरोप झूठी निकली। इसलिए अमर के खिलाफ दर्ज एफआईआर खारिज किया गया।

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