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दिन से शाम तक जाम का जाल… शहर के ह्रदय पर अव्यवस्थाओं का आघात

स्वर्णनगरी के हृदयस्थल कहे जाने वाले गोपा चौक में इन दिनों यातायात व्यवस्था पूरी तरह चौपट नजर आ रही है।

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स्वर्णनगरी के हृदयस्थल कहे जाने वाले गोपा चौक में इन दिनों यातायात व्यवस्था पूरी तरह चौपट नजर आ रही है। चौक क्षेत्र में चारों ओर बेतरतीब तरीके से खड़े दुपहिया, ऑटो और हाथ ठेलों के कारण हालात बेकाबू हो जाते हैं। स्थिति यह है कि दोपहर से शाम व रात तक यहां जाम लगना आम बात हो गई है। संकरी सडक़ों पर अवैध पार्किंग के चलते न तो वाहन सुचारु रूप से निकल पा रहे हैं और न ही पैदल राहगीरों को सुरक्षित रास्ता मिल रहा है।
गोपा चौक शहर का प्रमुख व्यावसायिक और पर्यटन क्षेत्र है, जहां शाम के समय स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में पर्यटक भी पहुंचते हैं। लेकिन यातायात पुलिस और नगरपरिषद प्रशासन की निष्क्रियता के चलते यह इलाका अव्यवस्था का स्थायी उदाहरण बन चुका है। कई बार तो हालात इतने बिगड़ जाते हैं कि आपातकालीन वाहनों को भी रास्ता नहीं मिल पाता।

हर लिहाज से महत्वपूर्ण

ऐतिहासिक सोनार दुर्ग से सटा गोपा चौक हर लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण इलाका है। यहां से होकर शहर में आने वाला प्रत्येक पर्यटक आवश्यक रूप से गुजरता है। उनके लिए दुर्ग और पटवा हवेलियों के साथ शहर के पुराने बाजारों में आवाजाही के लिए यही एकमात्र रास्ता है। इसके अलावा शहर की हजारों की आबादी को दिन में कम से कम एक-दो बार इस क्षेत्र से अवश्य निकलना होता है। आगामी दिनों में आयोजित होने वाले मरु महोत्सव से लेकर किसी भी धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रमों पर आधारित शोभायात्रा का यह निश्चित मार्ग है। इस क्षेत्र की ऐतिहासिकता वैसे भी कम नहीं है। यहीं पर रियासतकाल में मंडी का संचालन हुआ करता था।

सैलानियों ने जताई नाराजगी

दिल्ली से आए पर्यटक अमित शर्मा ने गोपा चौक क्षेत्र में अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा, जैसलमेर जैसे ऐतिहासिक और पर्यटन नगरी में ऐसी अव्यवस्था बेहद निराशाजनक है। गोपा चौक से पैदल चलना तक मुश्किल हो गया। यह शहर की छवि को नुकसान पहुंचाता है। वहीं रोहटक से आई पर्यटक नेहा अग्रवाल का कहना है, हम होटल लौटने में काफी देर तक जाम में फंसे रहे। न कोई ट्रैफिक पुलिस दिखी और न ही पार्किंग की कोई व्यवस्था। पहली बार आए पर्यटक पर इसका बहुत बुरा असर पड़ता है।
स्थानीय लोगों का गुस्सा भी कम नहीं है। पर्यटन से जुड़े विमल गोपा के अनुसार दिन और शाम ढलते ही यहां वाहन बेतरतीब खड़े कर दिए जाते हैं। पर्यटक परेशानी महसूस करते हैं। स्थानीय निवासी रविन्द्र शर्मा ने तीखे शब्दों में कहा, यह चौक जैसलमेर का दिल है, लेकिन सरकारी तंत्र ने इसे भगवान भरोसे छोड़ रखा है। नियम तो हैं, लेकिन लागू करने वाला कोई नहीं। हैरानी की बात यह है कि पर्यटन सीजन चरम पर होने के बावजूद गोपा चौक क्षेत्र में शाम के समय यातायात पुलिस नजर नहीं आती। अस्थायी अतिक्रमणों और मनमानी पार्किंग ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है।