
रिटायर्ड आइएएस सुबोध अग्रवाल (फाइल फोटो-पत्रिका)
जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से संबंधित जल जीवन मिशन घोटाला प्रकरण में एसीबी कोर्ट संख्या-1 ने आरोपी सेवानिवृत्त आइएएस सुबोध अग्रवाल, अधीक्षण जितेन्द्र शर्मा, निजी व्यक्ति संजीव गुप्ता एवं मुकेश गोयल के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं।
एसीबी के अनुसार न्यायालय के आदेशों की पालना करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आरोपियों की तलाश में एसीबी की टीमें विभिन्न संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि न्यायालय की ओर से जारी गिरफ्तारी वारंट की तामील नहीं हो पाती है, तो न्यायालय से आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी किए जाने की कार्यवाही की जाएगी।
कार्रवाई: राजस्थान एसीबी ने 960 करोड़ रुपए के कथित घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
जांच: विशेष जांच दल (SIT) ने तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच के बाद जयपुर, उदयपुर, बाड़मेर और दिल्ली में एक साथ छापेमारी की।
घोटाला: मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी और मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी ने फर्जी कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र (Completion Certificate) के आधार पर टेंडर हासिल किए।
4 आरोपियों की तलाश: सुबोध अग्रवाल (रिटायर्ड IAS), जितेंद्र शर्मा (अधीक्षण अभियंता), मुकेश गोयल (तत्कालीन एससी), और संजीव गुप्ता (निजी व्यक्ति)।
घोटाले का तरीका: फर्जी दस्तावेजों के अलावा 50 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट्स में टेंडर पूलिंग और नियमों के विरुद्ध बोलीदाताओं की पहचान उजागर करने का भी आरोप है।
Updated on:
13 Mar 2026 08:43 pm
Published on:
13 Mar 2026 08:41 pm
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