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प्रवासी राजस्थानियों की बजट से बड़ी उम्मीदें: उद्योग, रोजगार और सुविधाओं पर हो फोकस

निवेश सुविधाओं में सुधार की उम्मीदराजस्थान सरकार का बजट 11 फरवरी को पेश होने जा रहा है और इस बजट को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में बसे राजस्थान मूल के लोगों की निगाहें भी अपने गृह राज्य पर टिकी हुई हैं। कर्नाटक में वर्षों से व्यापार, उद्योग और सेवाक्षेत्र में सक्रिय राजस्थान के प्रवासी […]

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राजस्थान बजट से पूर्व हुब्बल्ली (कर्नाटक) में आयोजित राजस्थान पत्रिका परिचर्चा में विचार रखते प्रवासी।

राजस्थान बजट से पूर्व हुब्बल्ली (कर्नाटक) में आयोजित राजस्थान पत्रिका परिचर्चा में विचार रखते प्रवासी।

निवेश सुविधाओं में सुधार की उम्मीद
राजस्थान सरकार का बजट 11 फरवरी को पेश होने जा रहा है और इस बजट को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में बसे राजस्थान मूल के लोगों की निगाहें भी अपने गृह राज्य पर टिकी हुई हैं। कर्नाटक में वर्षों से व्यापार, उद्योग और सेवाक्षेत्र में सक्रिय राजस्थान के प्रवासी समुदाय ने भी आगामी बजट से कई बड़ी उम्मीदें जताई हैं। प्रवासी राजस्थानियों का कहना है कि यदि राज्य सरकार प्रवासियों को राजस्थान में उद्योग लगाने के लिए विशेष सुविधा, रियायत और सरल व्यवस्था दे तो हजारों लोग अपने गृह राज्य में निवेश करने को तैयार हैं। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और लोगों का अन्य राज्यों की ओर पलायन भी कम होगा। प्रवासियों का मानना है कि राजस्थान को उद्योग के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य लेकर बजट तैयार किया जाना चाहिए। निवेश, उद्योग, कृषि नवाचार, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं में सुधार से राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। बजट से पहले हुब्बल्ली में बसे राजस्थान मूल के लोगों ने अपनी-अपनी अपेक्षाएं और सुझाव साझा किए।

प्रवासियों को उद्योग लगाने में सुविधाएं मिलें
राजस्थान के बालोतरा जिले के मोकलसर निवासी उद्योगपति रमेश बाफना ने कहा, राजस्थान में उद्योग लगाने की बड़ी संभावनाएं हैं, लेकिन बिजली, बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक सहयोग की कमी के कारण निवेशक हिचकिचाते हैं। यदि सरकार प्रवासियों के लिए विशेष औद्योगिक नीति बनाकर उद्योग स्थापना में सहयोग करे तो बड़ी संख्या में उद्योग लगाए जा सकते हैं। राज्य में शिक्षा संस्थान तो विकसित हुए हैं, पर उद्योगों का पर्याप्त विस्तार नहीं हुआ। बड़े पैमाने पर उद्योग लगने से रोजगार सृजन होगा और राज्य की आर्थिक मजबूती बढ़ेगी। साथ ही कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत है। राज्य में अपराध की घटनाओं से निवेश प्रभावित होता है। केवल घोषणाएं करने के बजाय योजनाओं का प्रभावी क्रिषयान्वयन होना चाहिए।

प्रवासियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम जरूरी
राजस्थान के अराबा गांव के निवासी योग गुरु भंवरलाल आर्य ने कहा, उद्योग स्थापित करने के लिए कई विभागों की अनुमति लेने की जटिल प्रक्रिया निवेश को धीमा कर देती है। इसके लिए प्रभावी सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाना चाहिए। पिछले प्रवासी सम्मेलन में इसकी घोषणा हुई थी, लेकिन अब तक इसका ठोस लाभ जमीन पर दिखाई नहीं देता। राजस्थान में माइंस, होटल, रियल एस्टेट और वेडिंग डेस्टिनेशन जैसे क्षेत्रों में बड़े अवसर मौजूद हैं। बालोतरा और नाकोड़ा क्षेत्र में विवाह स्थल तेजी से विकसित हो रहे हैं। कृषि में भी नवाचार बढ़ा है, जहां अनार, अंजीर, खजूर और बोर की खेती हो रही है। प्रवासी अपने फार्म हाउस पर आधुनिक खेती कर सकते हैं, बशर्ते सरकार सुविधा और मार्गदर्शन दे।

नए जिले में अब भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव
राजस्थान के सराणा निवासी बिजनेसमैन जांवताराम देवासी ने कहा, बालोतरा को नया जिला घोषित किया गया, लेकिन अभी भी स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुविधाओं की कमी बनी हुई है। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को जोधपुर जाना पड़ता है। हालांकि जैसला क्षेत्र में बड़े अस्पताल का निर्माण हो रहा है। इलाके में पेयजल की समस्या भी गंभीर है। कई गांवों तक नर्मदा का पानी अभी नहीं पहुंचा है और गर्मियों में पानी संकट बढ़ जाता है। खेती अब भी बारिश पर निर्भर है क्योंकि भूमिगत पानी खारा है। वहीं, क्षेत्र में रिफाइनरी परियोजना भी पूरी तरह चालू नहीं हो पाई है, जिससे रोजगार की उम्मीदें अधूरी हैं।

राजस्थान को जल और ऊर्जा के क्षेत्र में मजबूत बनाना जरूरी
राजस्थान के बिठूजा निवासी बिजनेसमैन मालाराम देवासी ने कहा, सिंधु नदी का पानी पाकिस्तान जा रहा है, जबकि राजस्थान को पानी की आवश्यकता है। इस पानी को राज्य के उपयोग के लिए लाने की दिशा में प्रयास होने चाहिए। इसके लिए केन्द्र से मदद ली जानी चाहिए। साथ ही सोलर ऊर्जा परियोजनाएं अच्छी है। इससे बिजली संकट कम होगा और रोजगार भी बढ़ेगा। सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी का लाभ आम लोगों तक पहुंचना चाहिए।

प्लास्टिक उद्योग को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन संभव
राजस्थान के मूंगड़ा निवासी बिजनेसमैन मोहनलाल देवासी ने कहा, जैसे पहले बालोतरा कपड़ा उद्योग के लिए प्रसिद्ध था, वैसे ही अब प्लास्टिक उद्योग को विकसित किया जा सकता है। प्रवासी निवेशक प्लास्टिक फर्नीचर और अन्य उत्पादों के कारखाने स्थापित करने के इच्छुक हैं। इसके लिए रीको को औद्योगिक क्षेत्रों का विकास करना चाहिए और निवेशकों को रियायतें देनी चाहिए। इससे क्षेत्र में नए उद्योग खड़े होंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।