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Thick Thigh Benefits: मोटी जांघें होती हैं सेहत के लिए फायदेमंद! डॉक्टर से जानिए सेहत के लिए क्यों सुरक्षित है थाई फैट?

Thick Thigh Benefits: मजबूत जांघें सिर्फ लुक्स नहीं, बेहतर मेटाबॉलिज्म, शुगर कंट्रोल और एनर्जी के लिए जरूरी हैं। जानिए थाई मसल्स के फायदे।

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भारत

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Dimple Yadav

Feb 02, 2026

Thick Thigh Benefits

Thick Thigh Benefits (Photo- gemini ai)

Thick Thigh Benefits: आजकल युवाओं के बीच Thick thighs save lives वाला जुमला काफी पॉपुलर है। ज्यादातर लोग इसे फैशन या बॉडी पॉजिटिविटी से जोड़कर देखते हैं, लेकिन सेहत के लिहाज से भी इसमें काफी सच्चाई छुपी है। अमेरिका के मैरीलैंड में रहने वाले डॉक्टर कुनाल सूद, जो एनेस्थीसियोलॉजी और पेन मेडिसिन के एक्सपर्ट हैं, कहते हैं कि मजबूत जांघें सच में हेल्दी लाइफ में बड़ी भूमिका निभाती हैं।

हमारी जांघों में शरीर की सबसे बड़ी मांसपेशियां होती हैं। ये मसल्स चलने, बैठने, झुकने, उठने और शरीर का संतुलन बनाए रखने में मदद करती हैं। इसके अलावा, जांघें शरीर का ज्यादातर वजन संभालती हैं और कूल्हों व पैरों को सही पोजिशन में रखती हैं।

जांघों की मांसपेशियां कौन-कौन सी होती हैं?

  • हैमस्ट्रिंग: पैर को पीछे ले जाने और घुटने को मोड़ने में मदद करती है
  • एडक्टर्स: दोनों जांघों को पास लाने, बैलेंस बनाए रखने और हिप्स को स्थिर रखने में सहायक
  • क्वाड्रिसेप्स: घुटने को सीधा करने और हिप को मोड़ने में मददगार
  • पेक्टिनियस: जांघ को घुमाने और पेल्विस को स्थिर रखने में मदद करता है
  • सार्टोरियस: जांघ को मोड़ने और घुमाने में सहायक
  • इलियोप्सोआस: हिप को मोड़ने और जांघ को घुमाने में मदद करता है

मजबूत जांघें क्यों जरूरी हैं?

डॉ. सूद के अनुसार, जांघों की मसल्स हमारे शरीर के लिए मेटाबॉलिक दवा की तरह काम करती हैं। वे जांघों को शरीर का मेटाबॉलिक इंजन कहते हैं, क्योंकि यहीं पर शरीर सबसे ज्यादा ग्लूकोज (शुगर) का इस्तेमाल करता है। जब जांघों की मसल्स मजबूत होती हैं और नियमित एक्सरसाइज से एक्टिव रहती हैं, तो वे खून से ज्यादा शुगर खींच लेती हैं। इससे शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर होती है। एनर्जी लेवल स्थिर रहता है। बार-बार थकान या सुस्ती नहीं होती है। लंबे समय में डायबिटीज और मेटाबॉलिक बीमारियों का खतरा कम होता है।

जांघों की एक्सरसाइज कैसे करें?

डॉ. सूद कहते हैं कि शुरुआत में बहुत भारी एक्सरसाइज की जरूरत नहीं है। कम से कम ये दो एक्सरसाइज जरूर करें। स्क्वैट्स (या कुर्सी से उठना-बैठना), स्टेप-अप्स या लंजेस करें। शुरुआत में हफ्ते में 2 दिन लेग एक्सरसाइज काफी है। धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं। रोज थोड़ा-थोड़ा और लगातार करना, कभी-कभार ज्यादा करने से बेहतर है।

पेट से बेहतर जांघों में फैट?

डॉ. सूद यह भी बताते हैं कि पेट की तुलना में जांघों और कूल्हों में जमा फैट शरीर के लिए ज्यादा सुरक्षित होता है। हालांकि, असली फोकस फैट नहीं बल्कि मसल्स बनाने पर होना चाहिए।

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