
मतदाता केन्द्रों तक नहीं पहुंचे तो अधिकारी पहुंचे घर-घर
ग्वालियर. विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत जिले में मतदाता सूची को दुरुस्त करने का अभियान अब जमीनी स्तर पर तेज हो गया है। जब बड़ी संख्या में मतदाता सुनवाई केंद्रों तक नहीं पहुंचे, तो निर्वाचन अमले ने खुद उनके दरवाजे खटखटाने शुरू कर दिए। नो-मैङ्क्षपग और लॉजिकल एरर से जुड़े 3 लाख 33 हजार 168 मतदाताओं के प्रकरणों के निराकरण के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर पहुंचकर नोटिसों की तामील कर रहे हैं और आवश्यक दस्तावेज मौके पर ही एकत्रित कर रहे हैं।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत जिले की सभी छह विधानसभा क्षेत्र में दूसरा चरण चल रहा है। जिन मतदाताओं के नाम नो-मैङ्क्षपग या लॉजिकल एरर की श्रेणी में आए हैं, उन्हें पहले नोटिस जारी किए गए थे। सुनवाई के लिए निर्धारित तिथियों पर शुरुआत में मतदाता बड़ी संख्या में पहुंचे, लेकिन बाद में उपस्थिति कम होती चली गई। आयोग की समय-सीमा को देखते हुए प्रशासन ने रणनीति बदली और अधिकारियों व बीएलओ को सीधे मतदाताओं के घर भेजा गया। रविवार को समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, बीएलओ सुपरवाइजर और बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण पर निकले। उन्होंने मतदाताओं को नोटिस सौंपे और पहचान, निवास सहित अन्य जरूरी दस्तावेज मौके पर ही प्राप्त किए। इससे न केवल मतदाताओं को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली, बल्कि प्रक्रिया भी तेज हो गई।
मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 को
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार इन सभी प्रकरणों की सुनवाई 14 फरवरी तक पूरी करनी है। इसके बाद संशोधित और त्रुटि रहित फोटोयुक्त मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी को किया जाएगा। खास बात यह है कि पहले जिन लॉजिकल एर्रर वाले मतदाताओं को सुनवाई केंद्रों पर बुलाया गया था, अब उनसे भी घर पर ही दस्तावेज लिए जा रहे हैं।
Updated on:
09 Feb 2026 05:59 pm
Published on:
09 Feb 2026 05:58 pm
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