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दिवालिया प्रक्रिया में नई रिपोर्टिंग व्यवस्था की शुरुआत, पर्सनल गारंटर मामलों पर कड़ी नजर, जानें डिटेल

Bankruptcy Process: साल 2024 के बाद से पर्सनल गारंटर से जुड़े दिवाला मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। अब तक रिपोर्टिंग के लिए कोई मानकीकृत फॉर्मेट नहीं था, जिससे कई बार ई-मेल के जरिए अलग-अलग जगहों पर जानकारी भेजनी पड़ती थी।

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भारत

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Pawan Jayaswal

Mar 10, 2026

Bankruptcy Process

दिवालिया प्रक्रिया में बदलाव (PC: AI)

कंपनियों के दिवाला मामलों में पर्सनल गारंटर से जुड़े मामलों की निगरानी को मजबूत करने के लिए भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड (आइबीबीआई) ने नई व्यवस्था की पहल की है। इसके तहत रेजोल्यूशन प्रोफेशनल्स को पर्सनल गारंटर से जुड़े दिवाला मामलों की जानकारी तय फॉर्मेट में बोर्ड को देना अनिवार्य होगा। इस कदम का उद्देश्य दिवाला प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।

विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के वर्षों में पर्सनल गारंटर से जुड़े दिवाला मामलों में तेजी आई है, जिसके कारण एक मानकीकृत रिपोर्टिंग सिस्टम की आवश्यकता महसूस की जा रही थी । इसी को ध्यान में रखते हुए आइबीबीआइ ने नए फॉर्म पेश किए हैं, जिनके माध्यम से रेजोल्यूशन प्रोफेशनल्स को दिवाला प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में जानकारी जमा करनी होगी।

  • ऑनलाइन सबमिशन की सुविधा: फॉर्म ऑनलाइन जमा किए जाएंगे, जिससे देरी और त्रुटियों की संभावना कम होगी।
  • पहली बार मानकीकृत व्यवस्थाः इससे पहले कंपनियों के दिवाला और लिक्विडेशन मामलों के लिए ऐसी रिपोर्टिंग प्रणाली मौजूद थी, लेकिन पर्सनल गारंटर के लिए यह पहली बार लागू की जा रही है।
  • मामलों में तेजी से बढ़ोतरी: वर्ष 2024 के बाद से पर्सनल गारंटर से जुड़े दिवाला मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

क्यों जरूरी है यह बदलाव

अब तक रिपोर्टिंग के लिए कोई मानकीकृत फॉर्मेट नहीं था, जिससे कई बार ई-मेल के जरिए अलग-अलग जगहों पर जानकारी भेजनी पड़ती थी। इससे प्रशासनिक जटिलता बढ़ती थी और गलतियों की संभावना भी रहती थी। नए फॉर्म लागू होने से रिपोर्टिंग प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी होगी।