
बूंदी. वाहन चालकों की आंखों की जांच करते हुए।
बूंदी. प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर रोकथाम लगाने के लिए राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा समिति के तत्वावधान में जिले में केशवरायपाटन टोल प्लाजा पर परिवहन विभाग ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से वाहन चालकों के नेत्र परीक्षण के लिए गुरुवार को आई चेक कैंप का आयोजन किया।
नेत्र परीक्षण में सौ वाहन चालकों के आंखों की जांंची गई, जिसमें 57 की आंखों में खराबी पाई गई। नेत्र परीक्षण शिविर में मुफ्त आई ड्राप बांटे गए है। जिला परिवहन अधिकारी सौम्या शर्मा ने कैंप में उपस्थित वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया और उन्हें ड्यूटी के साथ साथ पर्याप्त नींद लेने के लिए भी प्रेरित किया। सड़क सुरक्षा नेत्र शिविर की क्रियान्वयन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ पी सामर द्वारा किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य निम्न दृष्टि दोष की वजह से होने वाली दुर्घटना को रोकना है।
सड़क सुरक्षा नेत्र रोग शिविर के नोडल अधिकारी डॉक्टर प्रदीप शर्मा ने बताया कि सड़क सुरक्षा नेत्र रोग परामर्श कार्यक्रम में अभी तक 100 वाहन चालकों का नेत्र परीक्षण किया गया है और वाहन चालकों को आई ड्राप और चश्मे के लिए मां नेत्र वाउचर योजना के लिए लोगों का रजिस्टर किए गए है, कैंप में नेत्र रोग सहायक अक्षिता मीणा ने वाहन चालकों के नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार जनवरी माह का अगला शिविर गुरुवार को रोडवेज बस स्टैंड नैनवा पर आयोजित किया जाएगा।
घायल का वीडियो बनाने के बजाय अस्पताल पहुंचाएं
राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय नमाना में बूंदी परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग द्वारा एक दिवसीय सड़क सुरक्षा विषय पर कार्यशाला आयोजित की। डीटीओ सौम्या शर्मा द्वारा विद्यार्थियों को सडक़ सुरक्षा विषय गंभीरता लेकर सीखने के लिए कहा और बताया गया कि यह विषय सड़क पर सुरक्षित चलने वाला बनने के लिए है।
इसे औपचारिकता से लेना बड़ी भूल और दुर्घटना का सबक हो सकता हैं। धारा एनजीओ अध्यक्ष प्रवीण गोस्वामी द्वारा विद्यार्थियों को सड़क पर पैदल चलने, साइकिल और स्कूटी को वाहनों के बीच सुरक्षित चलाने और सडक़ पर संभावित दुर्घटनाओं की स्थिति को बताकर उनसे सुरक्षित बचने और चलने के तरीके समझाए गए।
गोस्वामी द्वारा विद्यार्थियों को बताया गया कि सड़क पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में फोटो वीडियो बनाने वाले लोगों के कारण घायल की जान बचाने का समय बर्बाद हो जाता हैं और घायल व्यक्ति की जान चली जाती हैं। ऐसे में राहवीर बन कर घायल व्यक्ति को मदद और प्राथमिक उपचार के साथ सीपीआर देकर पीड़ित की जान बचाने के तरीके बताए गए।
Published on:
16 Jan 2026 06:59 pm
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