
new water board will be formed by combining three districts (फोटो- Patrika.com)
MP News: पेयजल के समुचित प्रबंधन के लिए अब इंदौर, उज्जैन और देवास को मिलाकर एक संयुक्त वाटर सप्लाई बोर्ड (Joint Water Supply Board) बनाया जाएगा। अनावश्यक बिजली व्यय रोकने के लिए सुचारू जलापूर्ति वाले क्षेत्रों में ट्यूबवेल बंद किए जाएंगे और शत-प्रतिशत स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। निगम के वाहनों में ईंधन चोरी रोकने के लिए जीपीएस और फ्यूल गेज अनिवार्य किया जाएगा। बड़े शहरों जैसे भोपाल, इंदौर और ग्वालियर को ई-व्हीकल संचालन में मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा और नगर निगमों के कम से कम 5 प्रतिशत वाहनों को सीएनजी से संचालित किया जाएगा।
नगरीय विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने बुधवार को राजधानी भौरी में सुंदरलाल पटवा राष्ट्रीय नगर बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले निकायों को पुरस्कृत किया जाएगा। निकायों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं ई-ऑफिस प्रणाली और डिजिटल लॉकर से प्रशासनिक कार्यों को पूर्णतः डिजिटल बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने को कहा गया।
आयुक्त ने कहा, प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली में कोताही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने 25 फरवरी और 15 मार्च को प्रदेश के सभी निगमों में विशेष वसूली शिविर लगाने के निर्देश दिए। वहीं जन शिकायतों के समाधान में एआइ की मदद लेने को कहा।
आयुक्त भोंडवे ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में 15 मार्च तक एक लाख आवासों के लिए सब्सिडी स्वीकृत और जारी करने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने निर्देशित किया कि पीएमएवाई 2.0 के अंतर्गत प्रत्येक नगर निगम 31 मार्च तक न्यूनतम तीन डीपीआर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें।
इंदौर, भोपाल और जबलपुर में पूर्ण हो चुके आवासों का पजेशन तत्काल हितग्राहियों को दिया जाए। अमृत योजना में सीवरेज और जल कनेक्शन को वार्डवार कार्य योजना बनाकर पूरा करने और निर्माण कार्यों के दौरान 'रोड रेस्टोरेशन' का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए गए। (MP News)
Published on:
12 Feb 2026 01:08 am
