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India-US Trade Deal: अमेरिकी अनाज आया तो MP के 150 प्लांट हो जाएंगे बंद, राज्यसभा में सांसद ने कहा…

MP News: राज्यसभा में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर जोरदार टकराव देखने को मिला। कांग्रेस सांसद अशोक सिंह ने चेतावनी दी कि अमेरिकी सोयाबीन आयात से मध्यप्रदेश के 150 से अधिक प्रोसेसिंग प्लांट बंद हो सकते हैं।

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भोपाल

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Akash Dewani

Feb 12, 2026

India-US Trade Deal ashok singh warns 150 plants will shutdown if grains american grains arrives in mp news

congress mp ashok singh raised issue of mp farmers in rajya sabha (फोटो- संसद टीवी वीडियो स्क्रीनशॉट)

India-US Trade Deal: राज्यसभा में बुधवार को मध्य प्रदेश के किसानों का मामला गूंजा। राज्यसभा में शून्यकाल में कांग्रेस सांसद अशोक सिंह ने कहा, भारत-अमरीका डील के तहत यदि अमरीकी तेल व अनाज आया, तो मध्यप्रदेश के 150 से ज्यादा सोयाबीन प्रोसेसिंग के प्लांटों पर ताले डल जाएंगे। भारत की अर्थ-व्यवस्था ताश के पत्तों की तरह ढ़ह जाएगी। उन्होंने कहा कि मप्र के किसानों ने सोया स्टेट बनाया, लेकिन यह पीला सोना किसानों के गले की फांस बन चुका है। भारत-अमरीका डील सोया किसानों के लिए मुसीबत का कारण बना। (MP News)

सांसद ने कहा- सोयाबीन किसानों नहीं मिल रहा भाव

अशोक सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश को 'सोया स्टेट' के रूप में पहचान दिलाने में किसानों की बड़ी भूमिका रही है, लेकिन आज वही 'पीला सोना' किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। ग्वालियर-चंबल और मालवा क्षेत्र के किसान अपनी लागत तक नहीं निकाल पा रहे हैं। उनका आरोप है कि किसानों को सोयाबीन का उचित समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा और उन्हें लागत का 60 प्रतिशत भी वापस नहीं मिल पा रहा है।

सांसद ने यह भी कहा कि एक ओर प्रदेश का किसान आर्थिक संकट से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार अमेरिकी सोयाबीन और तेल आयात करने का समझौता कर रही है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सोयाबीन की कीमत लगभग 35 हजार रुपये प्रति टन है। ऐसे में सवाल उठता है कि प्रदेश का किसान इस प्रतिस्पर्धा का सामना कैसे करेगा।

ये डील किसानों के साथ अन्याय- सांसद

उन्होंने इस डील को किसानों के साथ अन्याय और धोखा बताया। उनका कहना था कि यदि बड़े पैमाने पर आयात हुआ तो न केवल प्रोसेसिंग उद्योग प्रभावित होंगे, बल्कि हजारों किसानों की आजीविका भी खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रदेश में सैकड़ों किसान आत्महत्या कर चुके हैं, जो कृषि संकट की गंभीरता को दर्शाता है। (MP News)