12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भाजपा जिला कार्यकारिणी सूची पर बवाल! मंत्री-MLA के क्षेत्र की अनदेखी, पार्टी नेताओं के खिलाफ काम करने वालों को मिली जगह

भाजपा की घोषित जिला कार्यकारिणी सूची ने संगठन में भूचाल ला दिया है। मंत्री और वरिष्ठ विधायक की अनदेखी, रिश्तेदारों को पद और दागी नेताओं की एंट्री से नाराजगी चरम पर है।

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Akash Dewani

Feb 12, 2026

bhopal bjp district executive list controversy minister mla areas ignored nepotism allegations mp news

bhopal bjp district executive list (फोटो- Patrika.com)

Bhopal BJP District Executive List: भाजपा की होल्ड की गई भोपाल जिला कार्यकारिणी ने पार्टी के भीतर खलबली मचा रखी है। इससे चल रही खींचतान भी सामने आ गई है। पार्टी नेताओं के खिलाफ ताल ठोंकने वाले और नगरीय निकाय चुनाव में टिकट वितरण में धांधली करने वालों को तो नवाजा गया, लेकिन एक मंत्री और एक विधायक की ऐसी अनदेखी की गई कि बवाल ही खड़ा हो गया।

भाजपा के जिला अध्यक्ष रविंद्र यति ने मंगलवार को जिला पदाधिकारियों की सूची जारी की थी। जो कुछ ही घंटों में अमंगल साबित हुई। दरअसल, जिला अध्यक्ष यति नगरनिगम के पार्षद है और महापौर मालती राय की कौंसिल के सदस्य है। इस तरह तिहरे पद की वजह से पहले से ही विवाद की स्थिति बनी थी, कार्यकारिणी की घोषणा ने इसे सतह पर ला दिया। वह मंत्री व विधायक भर ही नहीं पार्टी नेताओं के निशाने पर भी आ गए थे। आनन-फानन उन्होंने इसे अस्थायी रूप से टांग दिया और बयान जारी किया कि नए सिरे से सूची बाद में जारी होगी। (mp news)

यह है अंदरुनी कहानी

सूत्रों के अनुसार यति की टीम में मंत्री विश्वास सारंग और वरिष्ठ विधायक रामेश्वर शर्मा के विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को तबज्जो नहीं मिली। आलम यह था कि शर्मा के हुजूर क्षेत्र का तो कार्यकारिणी में प्रतिनिधित्व ही नहीं था तो सारंग के नरेला क्षेत्र से महज दो पदाधिकारी बनाए गए थे। अन्य नेताओं की भी उपेक्षा की गई. इससे बवाल खड़ा हुआ। जो अब भी शांत नहीं हुआ है। कई नेताओं ने बुधवार को इसे फिर प्रदेश नेतृत्व के समक्ष उठाया और पूरा चिट्ठा खोल दिया।

नाराज नेताओं का वर्ग सक्रिय नजर आया। शीर्ष संगठन से मिलने पंडित दीनदयाल परिसर में लोकल नेताओं का तांता लगा रहा। वहीं स्थानीय स्तर पर संगठन से लेकर सत्ता के प्रतिनिधियों से मिलकर जमीनी कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की। हुजूर एवं नरेला विधानसभा क्षेत्र की गंभीर अनदेखी से नाराज स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी संगठन के सामने अपनी बात रखी।

परिवार की छाप, दागी भी आ गए

सूची में एक व्यक्ति एक पद की नीति की धज्जियां उड़ाई गई। अध्यक्ष पहले ही तीन पदों पर हैं, अन्य पार्षदों को भी अपनी टीम में ले आए थे। आरोप लगाया गया है कि इस सूची में महापौर परिषद के सदस्य मनोज राठौर, यति, सुषमा बबीसा, अशोक वाणी को प्रमुखता से शामिल किया गया है। इसी प्रकार पूर्व पार्षद राजेश खटीक की पत्नी को सूची में स्थान दिया गया है। भाजपा नेता पत्नियों को भी पदाधिकारी बनाया गया। पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले बागी प्रत्याशी को भाजपा जिला सूची में पद दिया गया। वहीं, ऐसे लोग भी कार्यकारिणी शामिल किए गए जिनपर नगरीय निकाय चुनाव के दौरान टिकट वितरण में गड़बड़ी के आरोप लगे थे।

ऐसा रहा असंतुलन

जिला पदाधिकारी की सूची में मध्य विधानसभा क्षेत्र से 8, दक्षिण पश्चिम से 7, गोविंदपुरा से 7, उत्तर से 4 एवं नरेला से 2 लोगों को शामिल किया गया। हुजूर विधानसभा क्षेत्र की गंभीर अनदेखी होने से स्थानीय कार्यकर्ताओं में नाराजगी चरम पर है। (mp news)