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80 फीसदी अभिभावकों ने निजी दुकानों से खरीद ली पाठ्य पुस्तकें, प्रशासन ने अब बनाया निरीक्षण दल

भोपाल.शैक्षणिक सामग्री की विशेष दुकान से खरीदारी से जुड़ी शिकायतों व स्थितियों की जांच के लिए जिला प्रशासन ने मंगलवार को नजूलवार आठ निरीक्षण दल तय किए हैं। संबंधित नजूल एसडीएम के साथ टीम में चार सदस्य बनाए हैं। हैरानी ये है कि ये टीमें तब बनाई गई, जब निजी स्कूलों में एक अप्रेल से […]

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भोपाल.
शैक्षणिक सामग्री की विशेष दुकान से खरीदारी से जुड़ी शिकायतों व स्थितियों की जांच के लिए जिला प्रशासन ने मंगलवार को नजूलवार आठ निरीक्षण दल तय किए हैं। संबंधित नजूल एसडीएम के साथ टीम में चार सदस्य बनाए हैं। हैरानी ये है कि ये टीमें तब बनाई गई, जब निजी स्कूलों में एक अप्रेल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। पढ़ाई चलते यहां एक सप्ताह का समय बीत गया और 80 फीसदी अभिभावकों ने बच्चों के लिए पाठ्य पुस्तक समेत अन्य शैक्षणिक सामग्री की खरीदी भी कर ली। पाठ्य सामग्री खरीदारी करने निजी दुकानों पर अब भीड़ नजर नहीं आ रही है।

पुस्तक मेला लगाने की बात थी, नहीं लगाया

  • स्कूलों के परीक्षा परिणाम मार्च में ही आना शुरू हो गए थे। जिनके कक्षाओं के परिणाम आ गए, उनसे जुड़े विद्यार्थियों ने अगले कक्षा की पाठ्य पुस्तकें व शैक्षणिक सामग्री की खरीदी भी मार्च में ही शुरू कर दी। मार्च के अंतिम सप्ताह में निजी दुकानों पर पुस्तक खरीदारी करने काफी भीड़ रही थी। एक अप्रेल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो गया। जो बचे थे, उन्होंने ने भी अप्रेल के पहले सप्ताह में कोर्स की खरीदी कर ली। अब प्रशासन ने जांच के लिए दल गठित किए। इसमें पुस्तकों के आइएसबीएन नंबर की पुष्टि करने कार्रवाई प्रतिवेदन देने के निर्देश दिए गए।