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अब जेल सुरक्षा ऑडिट की जिम्मेदारी पांच सदस्यीय समिति को

जेल मुख्यालय का फरमान, ऑडिट रिपोर्ट 10 तक भेजनी है मुख्यालय - अधीक्षक ने जिला जेल में गठित किया समिति

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जेल मुख्यालय का फरमान, ऑडिट रिपोर्ट 10 तक भेजनी है मुख्यालय - अधीक्षक ने जिला जेल में गठित किया समिति

जेल मुख्यालय का फरमान, ऑडिट रिपोर्ट 10 तक भेजनी है मुख्यालय - अधीक्षक ने जिला जेल में गठित किया समिति

बालाघाट. मप्र के जेलों की सुरक्षा ऑडिट सख्त की गई है। सभी जेलों में पांच सदस्यीय समिति बनाई जा रही है। समिति सुरक्षा ऑडिट करने के बाद इसकी रिपोर्ट जेल मुख्यालय को भेजेगी। जिला जेल अधीक्षक रामलाल सहलाम ने ‘पत्रिका’ को बताया कि समिति गठित कर ली गई है। इसमें दो तकनीकी जानकारी रखने वाले व तीन सीनियर कर्मचारियों को रखा है।

उधर अतिरिक्त जेल महानिरीक्षक भोपाल मप्र संजय पांडेय के सुरक्षा ऑडिट के जारी निर्देशों पर गौर करें तो समिति भौतिक सुरक्षा के मद्देनजर जेल की दीवार, खिड़कियां, ताले, दरवाजे के साथ उन संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण करेगी, जहां से कैदी भाग सकते हैं। उसको और बेहतर कैसे किया जाए इस पर सुझाव देगी।

तकनीकी सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कवरेज, रिकॉर्डिंग, बैकअप, कंट्रोल सिस्टम, मेटल डिटेक्टर, सायरन, अलार्म, फैंसिग का समुचित संधारण हो रहा है या नहीं इसकी भी जांच करेगी। मानव संसाधन, ऑपरेशनल प्रोसीजनल ऑडिट, साइबर सुरक्षा ऑडिट, आपातकालीन तैयारी, जोखिम मूल्यांकन आदि बिंदुओं पर समिति समुचित संधारण हो रहा है या नहीं इसकी बारीकी से जांच करेगी।

जिला जेल अधीक्षकों को जिले के उप जेलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। अधीक्षक केन्द्रीय जेल को उनके सर्किल के जिला जेलों का निरीक्षण करने के निर्देश हैं। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित करना है कि सुरक्षा में कोई लापरवाही या उदासीनता नहीं बरती जा रही है। खास है कि ऑडिट रिपोर्ट प्रति छह माह में मुख्यालय भेजनी है। इस वर्ष पहली रिपोर्ट 10 जनवरी तक भेजनी है।

पखवाड़ेभर के अंदर तीन घटनाओं से खलबली

करीब पखवाड़ेभर के अंदर मप्र के उप जेल खाचरौद से कैदियों के भागने। जिला जेल छतरपुर में कैदी के छत से कूदकर खुदकुशी करने। इसके पूर्व एक कैदी के दूसरे के ऊपर पत्थर से हमला कर गंभीर रूप से घायल करने का मामला सामने आने के बाद महकमे में खलबली मच गई है। इसके बाद से सुरक्षा ऑडिट को सख्त करते हुए समितियों के गठन के निर्देश मप्र में पहली बार जारी हुए हैं। दिसंबर 2024 में ‘पत्रिका’ ने जिला जेल बालाघाट परिसर में सुरक्षा को ताक पर रखकर कैदियों से दीवारों की रंगाई कराए जाने की खबर प्रकाशित की थी। खास है कि खाचरौद में फरार हुए तीनों कैदी दीवार की रंगाई कर रहे थे।

वर्जन - जिला जेल में समिति गठित कर ली गई है। वारासिवनी व बैहर उप जेल का निरीक्षण मुझे करना है। जेल अधीक्षक नरसिंहपुर जिला जेल बालाघाट का निरीक्षण करेंगे। - रामलाल सहलाम, जिला जेल अधीक्षक बालाघाट