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नमाज और अजान विवाद पर भड़के असदुद्दीन ओवैसी, बोले- आपकी नफरत सिर्फ मुसलमानों से है

Asaduddin Owaisi Namaz Statement: एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सड़कों पर नमाज शुक्रवार को या ईद के दौरान अदा की जाती है। ऐसा रोजाना नहीं होता है।

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एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैस (Photo-IANS)

Asaduddin Owaisi Statement: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया कि त्योहारों और नमाज से संबंधित मुद्दों को जानबूझकर मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए उठाया जाता है। ओवैसी ने कहा कि मुसलमान समुदाय के लोग नमाज नहीं छोड़ेगा। ईद मिलाप के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि जब भी बकरीद या रमजान जैसे त्योहार नजदीक आते हैं, वे समस्याएं पैदा करना शुरू कर देते हैं।

इस्लामी विद्वानों ने मस्जिदों से अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी

हैदराबाद के सांसद ने कहा कि अजान में समस्या, नमाज में समस्या, आखिर तुम लोगों को क्या हो गया है? उन्होंने पूछा और याद दिलाया कि इस्लामी विद्वानों ने मस्जिदों से अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और संघर्ष के लिए फतवे जारी किए। ओवेसी ने कहा कि अल्लामा फजल-ए-हक खैराबादी और अल्लामा कैफी जैसे सैकड़ों-हजारों विद्वानों ने अपनी जान कुर्बान कर दी। आज तुम हमें उपदेश दे रहे हो, अजान और नमाज को मुद्दा बना रहे हो।

'सड़क पर नमाज पढ़ना गलत, तो सभी धार्मिक जुलूसों पर प्रतिबंध लगा दो'

ओवैसी ने धार्मिक जुलूसों से तुलना करते हुए कहा कि उत्तराखंड से दिल्ली तक की यात्राओं के दौरान सड़कें अवरुद्ध हो जाती हैं और टेंट लगाए जाते हैं, लेकिन आपको इससे कोई समस्या नहीं होती। सड़कों पर नमाज अदा करने के बारे में उन्होंने कहा कि ऐसा केवल शुक्रवार की नमाज या ईद के दौरान होता है, रोजाना नहीं। उन्होंने कहा कि भारत में हर धर्म के त्योहार सड़कों पर ही मनाए जाते हैं। आप उन्हें देखते नहीं, आप उन्हें अनदेखा कर देते हैं।

'चाहे कुछ भी हो जाए, मुसलमान नमाज नहीं छोड़ेंगे'

उन्होंने आगे कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, मुसलमान नमाज नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात कुछ किशोरों से हुई जिन्होंने टेलीविजन पर खबरें देखने के बाद मस्जिदों में नियमित रूप से नमाज पढ़ने का फैसला किया है।

हिंदू त्योहारों पर मांस और चिकन की बि​क्री पर लगाए प्रतिबंधों पर उठाए सवाल

दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए ओवैसी ने कहा कि लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन वे अजान और नमाज पर आपत्ति जताते हैं। उन्होंने हिंदू त्योहारों के दौरान अंडे, मांस और चिकन की बिक्री पर लगाए गए प्रतिबंधों पर भी सवाल उठाते हुए पूछा, यह किस तरह का कानून है?

'आपकी नफरत सिर्फ मुसलमानों के लिए'

ओवैसी ने कहा कि आपकी नफरत सिर्फ मुसलमानों के लिए है। और आपकी नफरत स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि आप इस धर्म के अनुयायियों को दबाना और उन्हें हाशिए पर धकेलना चाहते हैं। आप उन्हें दोयम दर्जे का नागरिक बनाना चाहते हैं। तुर्कमान गेट, मालियाना, हाशिमपुरा और नेल्ली जैसी पिछली घटनाओं का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि मुसलमानों ने नरसंहार के बावजूद अपना अस्तित्व बनाए रखा। उन्होंने कहा कि ये सब मत करो। कोई कहीं नहीं जा रहा, दूसरा हिजरत नहीं होगा। अगर तुम हमें खत्म करना चाहते हो, तो यह तुम्हारी शक्ति में है, अगर तुम तानाशाह बनना चाहते हो, तो बनो, लेकिन हम यहां से नहीं जा रहे। यह देश हमारा है और हमारा ही रहेगा।