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Kanpur News:डिजिटल ठगों से बचने का अलर्ट, 9 से 15 मार्च तक मनाया जाएगा डिजिटल भुगतान जागरूकता सप्ताह

Digital Payment Awareness Week: कानपुर में 9 से 15 मार्च तक डिजिटल भुगतान जागरूकता सप्ताह मनाया जाएगा। भारतीय रिज़र्व बैंक के निर्देश पर बैंक और वित्तीय संस्थान लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाव, सुरक्षित डिजिटल लेन-देन, ओटीपी-पिन साझा न करने और सतर्क रहने के प्रति जागरूक करेंगे।

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कानपुर, डिजिटल लेन-देन को सुरक्षित बनाने और आमजन को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए जनपद में 9 से 15 मार्च तक डिजिटल भुगतान जागरूकता सप्ताह मनाया जाएगा। इस अभियान के तहत बैंक और वित्तीय संस्थान विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को डिजिटल भुगतान के सुरक्षित उपयोग के बारे में जागरूक करेंगे।

लीड बैंक मैनेजर आदित्य चंद्रा ने बताया कि यह अभियान भारतीय रिज़र्व बैंक के निर्देश पर चलाया जा रहा है। ‘हर पेमेंट डिजिटल’ पहल के तहत आयोजित होने वाले इस सप्ताह का उद्देश्य लोगों को डिजिटल भुगतान की सुविधा के साथ-साथ उसके सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष जागरूकता सप्ताह का मुख्य संदेश “थोड़ा ध्यान से – सावधान रहें, अलर्ट रहें” रखा गया है, जिसके जरिए डिजिटल लेन-देन के दौरान सतर्कता बरतने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

बाजार, बैंक और शिक्षण संस्थानों में होंगे जागरूकता कार्यक्रम

उन्होंने बताया कि जागरूकता सप्ताह के दौरान बैंक शाखाओं, बाजारों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर गोष्ठियां, जनजागरूकता कार्यक्रम और जनसंपर्क गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि भुगतान प्राप्त करने के लिए किसी को भी क्यूआर कोड स्कैन करने या पिन दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती।

ओटीपी, पिन और पासवर्ड साझा न करने की दी सलाह

अभियान के दौरान लोगों को यह भी जागरूक किया जाएगा कि किसी भी स्थिति में ओटीपी, पिन या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। आकर्षक ऑफर, लॉटरी या कैशबैक के नाम पर होने वाली ठगी से भी सतर्क रहने की सलाह दी जाएगी।

डिजिटल भुगतान करते समय रखें विशेष सावधानी

आदित्य चंद्रा ने कहा कि डिजिटल भुगतान करते समय राशि और प्राप्तकर्ता के नाम की दोबारा जांच करना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी बरतकर ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचा जा सकता है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि सुरक्षित डिजिटल भुगतान को अपनाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित बैंक या प्राधिकरण को दें।